Breaking News in Hindi

सूडान के छह राजनयिकों को देश छोड़ने को कहा

सूडान के औपचारिक आरोप के बाद इथियोपिया की कार्रवाई हुई

अदीस अबाबाः अफ्रीकी महाद्वीप के रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र में दो पड़ोसी देशों—इथियोपिया और सूडान—के बीच लंबे समय से सुलग रहा कूटनीतिक और राजनीतिक तनाव अब अपनी चरम सीमा पर पहुँच चुका है।

बढ़ते आपसी वैमनस्य और अविश्वास के बीच इथियोपियाई सरकार ने एक कड़ा कदम उठाते हुए सूडान के छह वरिष्ठ राजनयिकों को महज 48 घंटे के भीतर अपना देश छोड़ने का सख्त आदेश जारी कर दिया है।

इसके साथ ही, दोनों देशों की सीमा के पास स्थित सामरिक रूप से महत्वपूर्ण असोसा शहर में संचालित हो रहे सूडान के वाणिज्य दूतावास को भी तत्काल प्रभाव से पूरी तरह बंद करने का आधिकारिक निर्देश दे दिया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध टूटने की कगार पर पहुँच गए हैं।

विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बेहद सख्त और दंडात्मक राजनयिक कदम दोनों पड़ोसी देशों के बीच हाल के महीनों में तेजी से बढ़े गंभीर मतभेदों और प्रॉक्सी युद्ध के आरोपों का सीधा परिणाम है।

सूडान की ओर से इथियोपिया पर लगातार यह गंभीर आरोप लगाया जा रहा है कि वह सूडान में गृहयुद्ध लड़ रहे कुख्यात अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज को गुप्त रूप से हरसंभव सैन्य, रणनीतिक और रसद सहायता प्रदान कर रहा है।

इसके पलटवार में इथियोपियाई प्रशासन ने भी खार्तूम की सरकार पर जवाबी आरोप मढ़े हैं कि सूडानी अधिकारी इथियोपिया के अस्थिर उत्तरी तिग्रे क्षेत्र में सक्रिय अलगाववादी और विद्रोही गुटों को शरण तथा मदद मुहैया करा रहे हैं।

दोनों संप्रभु राष्ट्रों द्वारा एक-दूसरे पर लगाए जा रहे इन गंभीर और सनसनीखेज आरोपों के कारण पूरे हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र में एक बहुत बड़े, व्यापक और विनाशकारी क्षेत्रीय संघर्ष के फैलने की आशंका से कूटनीतिक हलकों में गहरी चिंता छा गई है।

अंदरूनी जानकारियों के मुताबिक, निष्कासन की इस गाज के तहत सूडानी वाणिज्य दूतावास के इन कर्मचारियों को मंगलवार शाम तक देश छोड़ने के लिए बाध्य होना पड़ा।

हालांकि कूटनीतिक संवेदनशीलता का हवाला देते हुए इथियोपियाई अधिकारियों ने आधिकारिक रूप से इस निष्कासन का कोई भी ठोस या विशिष्ट कारण सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह जवाबी कार्रवाई सूडान द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अफ्रीकी संघ की शांति एवं सुरक्षा परिषद में हाल ही में इथियोपिया के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के ठीक बाद सामने आई है।

गौरतलब है कि सूडान ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इथियोपिया पर यह गंभीर आरोप लगाया था कि वह अपनी संप्रभु भूमि का इस्तेमाल अर्धसैनिक बल आरएसएफ को सूडानी नागरिक बुनियादी ढांचे, रिहायशी इलाकों और रणनीतिक संस्थानों पर घातक ड्रोन हमले करने के लिए सुरक्षित लॉन्चपैड के रूप में करने दे रहा है। इस ताबड़तोड़ कूटनीतिक निष्कासन और दूतावास बंदी के बाद अब दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष के सीरिया या लीबिया जैसे व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील होने का खतरा मंडराने लगा है।