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गृहयुद्ध से पीड़ित सूडान के खिलाफ फिर कड़े प्रतिबंध लगाये गये

संयुक्त राष्ट्र ने हथियार प्रतिबंध की समयसीमा बढ़ायी

संयुक्त राष्ट्रः संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सूडान के पश्चिमी दारफुर क्षेत्र पर लगे आंशिक हथियारों के प्रतिबंध को सर्वसम्मति से एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब पूरे देश में हथियारों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के अमेरिकी प्रस्ताव पर तीखी बहस और चर्चा जारी है। सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्यों ने शुक्रवार को इस एक महीने के विस्तार के पक्ष में मतदान किया, ताकि प्रतिबंधों में संभावित बदलावों पर आम सहमति बनाने के लिए अतिरिक्त समय मिल सके।

अमेरिकी राजदूत जेफ बार्टोस ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि मौजूदा प्रतिबंध व्यवस्था 20 साल से अधिक पुरानी है और यह आज के युद्ध की वास्तविकताओं से निपटने के लिए नाकाफी है। अमेरिका सूडान में चल रहे तीन साल से अधिक पुराने संघर्ष को समाप्त करने के लिए युद्धरत पक्षों पर दबाव बनाने के वास्ते इस प्रतिबंध का दायरा पूरे देश में फैलाना चाहता है। अमेरिका ने परिषद से आग्रह किया है कि वह पूरे सूडान में हथियारों की पाबंदी लागू करे, इसमें संघर्ष से जुड़ी यौन हिंसा, फिरौती के लिए अपहरण और मानवीय सहायता कर्मियों पर हमले जैसे गंभीर अपराधों को शामिल करे।

हालांकि, सुरक्षा परिषद में वीटो पावर रखने वाले रूस ने सूडान सरकार का समर्थन करते हुए इस विस्तार का कड़ा विरोध किया है। रूसी उप राजदूत अन्ना एवस्टिग्नीवा ने स्पष्ट किया कि मास्को प्रतिबंधों के दायरे को बढ़ाने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देगा। वहीं, संयुक्त राष्ट्र में सूडान के राजदूत अल-हरिथ मोहम्मद ने कहा कि पूर्ण हथियारों का प्रतिबंध संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उस अधिकार के खिलाफ है जो हर देश को अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए आत्मरक्षा का अधिकार देता है। अप्रैल 2023 से शुरू हुए इस भीषण संघर्ष में अब तक कम से कम 59,000 लोग मारे जा चुके हैं और करीब 1.3 करोड़ लोग विस्थापित हुए हैं, जिससे दुनिया का एक सबसे बड़ा मानवीय संकट पैदा हो गया है।