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सूडान और इथियोपिया के बीच कायम तनाव और बढ़ा

आरएसएफ के ड्रोन हमलों की मदद का आरोप

कई बार ऐसा हमला हो चुका है

ऐसे हमले इथियोपिया से होते हैं

अधिकांश पावर स्टेशन बंद हो चुके

अदीस अबाबा: सूडान सरकार और इथियोपिया के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। सूडानी सरकार द्वारा इथियोपिया पर लगाए गए उन गंभीर आरोपों ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही खटास को जगजाहिर कर दिया है, जिनमें दावा किया गया है कि सूडान में हालिया घातक ड्रोन हमलों के पीछे इथियोपिया का हाथ है। इस घटनाक्रम से दोनों देशों के आंतरिक संघर्षों के और अधिक भड़कने का खतरा पैदा हो गया है।

सूडान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अफ्रीकी संघ की शांति एवं सुरक्षा परिषद में आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज कराई है। सूडान का आरोप है कि अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्स—जो अप्रैल 2023 से सूडानी सशस्त्र बलों के खिलाफ युद्धरत है—पावर स्टेशनों सहित नागरिक ठिकानों पर हमले करने के लिए इथियोपियाई क्षेत्र का उपयोग कर रहा है। सूडान के सीमा मामलों के विशेषज्ञ अब्दुल करीम अल-अमीन अहमद ने बताया कि इथियोपिया के कथित समर्थन को लेकर सूडानी सेना के भीतर ही इस बात पर मतभेद पैदा हो गए हैं कि आगे क्या प्रतिक्रिया दी जानी चाहिए।

अल-अमीन ने कहा, दोनों पक्षों के बीच आपसी आरोप-प्रत्यारोप लगभग रोजाना हो रहे हैं। सूडानी सेना की तरफ से तनाव इस हद तक बढ़ गया है कि सेना और उसके सहयोगी बलों के भीतर से कुछ आवाजें यह मांग करने लगी हैं कि सूडान को इन हस्तक्षेपों के आधार पर इथियोपिया के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर देनी चाहिए।

सूडानी सेना के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में संदिग्ध आरएसएफ ड्रोन हमलों से नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंची है। ड्रोन हमलों के कारण सूडानी शहरों में 90 प्रतिशत से अधिक पावर स्टेशन बंद हो चुके हैं। अल-अमीन का कहना है कि इन हथियारों की तकनीकी क्षमता इस बात की ओर इशारा करती है कि इन्हें महत्वपूर्ण बाहरी समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा, ये रहस्यमयी ड्रोन हैं, जो लंबी दूरी तय करते हैं। वर्तमान में लगभग पूरी सूडानी भूमि इन ड्रोनों की पहुंच में है, जो यह पुष्टि करती है कि इनके पास लंबी दूरी के लिए विशेष उड़ान गुण और उच्च विनाशकारी शक्ति है।

सूडानी विदेश मंत्रालय और सैन्य खुफिया विभाग द्वारा तैयार की गई एक विस्तृत रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फरवरी से अक्टूबर के बीच इथियोपियाई क्षेत्र से 187 एक-तरफा हमला करने वाले ड्रोनों का उपयोग करके 70 अलग-अलग हमले किए गए। इन हमलों की आवृत्ति लगातार बढ़ रही है, अकेले अक्टूबर महीने में ही 97 ड्रोनों से 28 हमले किए गए।