इस बार खारकीव के अस्पताल और ऊर्जा ढांचों पर निशाना
खारकीव: रूस ने यूक्रेन के खारकीव शहर में एक अस्पताल पर भीषण बमबारी की है, जिसमें कम से कम 73 लोग घायल हो गए हैं। इसके साथ ही रूस ने देश के कई अन्य क्षेत्रों में ऊर्जा बुनियादी ढांचे को भी बड़े पैमाने पर निशाना बनाया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि रूसी बलों ने सीधे तौर पर एक सिटी क्लिनिकल अस्पताल पर हमला किया। इस हमले में अस्पताल का कार्डियोलॉजी विभाग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जहां मरीज अपना इलाज करा रहे थे। खारकीव के मेयर इहोर टेरेखोव ने बताया कि सोमवार रात हुई इस बमबारी में अस्पताल को भारी नुकसान पहुंचा है और इमारत की 1,000 से अधिक खिड़कियां टूट गई हैं।
अस्पताल के अलावा यूक्रेन के कई ऊर्जा ठिकानों को भी हमलों में तबाह किया गया है। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने इसे एक जटिल और भारी हमला करार देते हुए बताया कि इसका मुख्य लक्ष्य ओडेसा, चेरकासी, झीटोमीर, विन्नित्सा, खारकीव, निप्रो, चेर्निवत्सी, चेर्निहाइव और रिव्ने क्षेत्रों में बिजली उत्पादन सुविधाएं और सब-स्टेशन थे।
ज़ेलेंस्की के अनुसार, रूस ने रात भर में 289 हमलावर ड्रोन, 17 बैलिस्टिक मिसाइलें और 59 क्रूज मिसाइलें दागीं। यह हमला राहत वितरण केंद्र पर हुए एक रूसी हवाई हमले के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिसमें कम से कम 33 लोग मारे गए थे।
यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार मिशन ने इस घातक हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन हो सकता है। मिशन की प्रमुख डेनियल बेल ने कहा कि मानवीय सहायता वितरण का समय और स्थान पहले से सार्वजनिक था।
दूसरी ओर, रूसी रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर दावा किया कि उसने विन्नित्सा, निप्रॉपेट्रॉस और खारकीव क्षेत्रों में केवल उन बिजली सुविधाओं को निशाना बनाया है जो यूक्रेनी सेना और सैन्य कारखानों को बिजली की आपूर्ति करती थीं। हमलों के बाद मंगलवार सुबह तक 1.80 लाख से अधिक लोग बिना बिजली के रहने को मजबूर हुए। गवर्नर विटाली बुनेचको ने इसकी पुष्टि की है। हमलों के जवाब में एहतियातन निर्धारित बिजली कटौती लागू करनी पड़ी है। दूसरी ओर, यारोस्लाव में एक रूसी तेल रिफाइनरी पर हुए यूक्रेनी ड्रोन हमले के कारण आग लग गई, जिसमें दो कर्मचारी घायल हो गए।
इन भीषण हमलों के बीच युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिकी प्रयास तेज हो गए हैं। अगले हफ्ते अबू धाबी में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के अधिकारियों के बीच एक बैठक होने वाली है। अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ ने बताया कि इस चर्चा का मुख्य केंद्र युद्ध के बाद की सुरक्षा व्यवस्था, तनाव कम करने के उपाय और शांति की दिशा में अगले कदम होंगे। इसके अलावा अमेरिकी वार्ताकार इस हफ्ते ब्रुसेल्स में फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और नाटो के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे, जो यूक्रेन के पुनर्निर्माण और यूरोपीय सुरक्षा वास्तुकला पर केंद्रित होगी।