डॉ अब्दुल्ला की पहल पर दोनों पक्षों में सुलह
दोनों पक्षों में अभी युद्धविराम हुआ
पार्टी अध्यक्ष ने सभी को समझाया
कई मांगों पर उचित विचार होगा
राष्ट्रीय खबर
श्रीनगरः मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह के नेतृत्व वाली सरकार पर आया एक बड़ा संकट उस समय टल गया, जब सत्ताधारी दल के असंतुष्ट विधायकों ने मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्लाह से मुलाकात की। अब्दुल्ला परिवार ने विधायकों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों का चरणबद्ध तरीके से निवारण किया जाएगा।
विधायकों ने सुबह यहाँ अब्दुल्ला निवास पर बैठक की और मुख्यमंत्री तथा नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख के समक्ष अपनी समस्याएँ रखीं। पार्टी नेतृत्व ने भरोसा दिलाया कि कुछ मुद्दों पर तुरंत कदम उठाए जाएंगे, जबकि अन्य समस्याओं को चरणों में सुलझाया जाएगा।
बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए डॉ. फारूक अब्दुल्लाह ने कहा कि विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दे वाजिब थे और उन पर विस्तार से चर्चा की गई है। उन्होंने पार्टी में गुटबाजी या विभाजन की खबरों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा, नेशनल कॉन्फ्रेंस एक संगठित पार्टी है। जो लोग सोचते हैं कि वे पार्टी को तोड़ सकते हैं, वे गलतफहमी में हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य का दर्जा, अनुच्छेद 370 और 35-ए की बहाली की लड़ाई तार्किक अंत तक जारी रहेगी।
विधायक नजीर गुरेजी और बशीर अहमद वीरी ने भी पुष्टि की कि पार्टी नेतृत्व के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है। वीरी ने स्पष्ट किया कि 2019 में छीने गए अधिकारों की वापसी और राज्य के दर्जे की बहाली उनकी मुख्य माँगें हैं। वहीं विधायक अब्दुल मजीद लारमी ने कहा कि सभी मतभेद खत्म हो चुके हैं और इसी हफ्ते से काम आगे बढ़ने लगेगा। उन्होंने पार्टी छोड़ने की अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया।