आंध्रप्रदेश शहरी निकाय के चुनावों का एकतरफा फैसला
राष्ट्रीय खबर
अमरावती: आंध्र प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाले टीडीपी-एनडीए गठबंधन ने एकतरफा जीत हासिल करते हुए नगर निगमों और नगर पालिकाओं में अपना परचम लहराया है। वहीं, विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने चुनावों में हिंसा, बूथ कैप्चरिंग और चुनावी धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं।
चुनाव मैदान में उतरे 13 नगर निगमों तथा 79 नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में से अधिकांश पर एनडीए ने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की है। गठबंधन ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के गृह निर्वाचन क्षेत्र कुप्पम के सभी 32 वार्डों और माचर्ला के सभी 36 वार्डों में कब्जा जमाया। हालांकि, सबसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नतीजा पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के गढ़ पुलिवेंदुला से आया।
पुलिवेंदुला में सत्तारूढ़ टीडीपी की थुगुतला गीता कुमारी ने जगन मोहन रेड्डी की करीबी रिश्तेदार और वाईएसआरसीपी उम्मीदवार वाईएस प्रमीलम्मा को करीब 13,898 वोटों से हराकर चेयरमैन पद पर ऐतिहासिक जीत हासिल की। एनडीए ने यहां के 40 नगर पालिका वार्डों में से 37 पर जीत दर्ज की, जबकि वाईएसआरसीपी महज 3 वार्डों पर सिमट कर रह गई।
इसके अलावा वाईएसआरसीपी के पारंपरिक गढ़ कड़पा नगर निगम में भी एनडीए ने एकतरफा बढ़त बनाई। 66 घोषित वार्डों में से टीडीपी ने 58, भाजपा ने 3 और जनसेना ने 2 वार्डों में जीत हासिल की। ग्रेटर विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा में भी टीडीपी-जनसेना गठबंधन का दबदबा रहा। गुंटूर नगर निगम में टीडीपी की कोवेलामुडी लक्ष्मी अपर्णा मेयर चुनी गईं। कुल मिलाकर नगर निगम चुनावों में एनडीए का स्ट्राइक रेट करीब 92 प्रतिशत दर्ज किया गया।
टीडीपी के प्रदेश अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव ने इस जीत का श्रेय मुख्यमंत्री नायडू के नेतृत्व और सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों में जनता के विश्वास को दिया। हालांकि, दूसरी ओर चुनावों के दौरान अनियमितताओं के गंभीर आरोप भी सामने आए। राज्य चुनाव आयोग को बूथ कैप्चरिंग की शिकायतों के बाद 7 निकायों के 13 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान के आदेश देने पड़े।
पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि नामांकन से लेकर मतगणना तक पूरी प्रक्रिया से समझौता किया गया। उन्होंने इसे चुनाव के बजाय चयन करार देते हुए व्यापक चुनावी सुधारों की मांग की। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने नतीजों को अपनी सरकार के सुशासन पर जनता की मोहर बताया।