सुप्रीम कोर्ट के नये फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की
गैर जिम्मेदाराना रवैया रहा है
विमान किराये मामले का उल्लेख
इस व्यवस्था में सुधार होना जरूरी
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: विषाक्त वायु प्रदूषण, जर्जर सड़कें, पेट्रोल की आसमान छूती कीमतें, पेपर लीक या बेरोजगारी जैसे आम जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों को उठाते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट पर तीखा तंज कसा है। उनका कहना है कि समस्याओं का समाधान करने के बजाय यदि लोगों को उन समस्याओं से बचने या उन्हें नजरअंदाज करने की सलाह दी जाए, तो ऐसी व्यवस्था ने वास्तव में इंसानों को कॉकरोच में बदल दिया है। सोशल मीडिया पर उनके इस पोस्ट के बाद सियासी और कानूनी हलकों में एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।
इस विवाद की शुरुआत त्योहारी सीजन में विमान के किराए में बेतहाशा वृद्धि को लेकर दायर एक याचिका से हुई। आरोप है कि दीपावली से पहले देश के कई घरेलू रूटों पर विमान के टिकटों के दाम सामान्य से 2 से 7 गुना तक बढ़ गए हैं, और कुछ मामलों में तो किराया वृद्धि 700 प्रतिशत तक होने का दावा किया गया।
इस स्थिति में विमान किराए पर नियंत्रण और यात्रियों के हितों की सुरक्षा की मांग को लेकर एक याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। सोमवार, 2 नवंबर को न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ के समक्ष इस मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया गया था।
याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि हवाई किराया लगभग 700 प्रतिशत तक बढ़ गया है और इस तरह की भारी बढ़ोतरी संविधान के अनुच्छेद 14 के खिलाफ है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने मामले की तत्काल सुनवाई की अर्जी खारिज कर दी। इस दौरान अदालत की टिप्पणी थी कि यदि किराया अधिक है, तो लोग विमान से यात्रा न करें। सुप्रीम कोर्ट की इसी टिप्पणी को लेकर सीजेपी नेता सौरव दास ने अपना गुस्सा जाहिर किया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने कई नागरिक समस्याओं का जिक्र करते हुए व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि यदि जहरीला प्रदूषण हो तो सांस मत लीजिए, सड़क पर गड्ढे हों तो पैदल मत चलिए, पेट्रोल महंगा हो तो निजी वाहन का इस्तेमाल मत कीजिए। अगर पेपर लीक हो तो परीक्षा मत दीजिए, मीडिया समाज को बांटे तो टीवी मत देखिए। यदि ढोंगी बाबा धर्म का व्यापार करें तो उनके पास मत जाइए और अगर बेरोजगारी है तो नौकरी की तलाश ही बंद कर दीजिए!
इसके बाद तीखा कटाक्ष करते हुए सौरव ने कहा कि इस तरह की व्यवस्था ने ही इंसानों को कॉकरोच बना दिया है, जहां समस्याओं का डटकर मुकाबला करने या उन्हें सुलझाने के बजाय लोगों को खुद ही समस्याओं से समझौता करने की सीख दी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि यह पहला मौका नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट की किसी टिप्पणी पर विवाद हुआ हो। पिछले साल 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्यधारा की व्यवस्था और कुछ मामलों में टिप्पणियों को लेकर कॉकरोच शब्द चर्चा में आया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर मज़ाक-मज़ाक में कॉकरोच जनता पार्टी का गठन हुआ था। बाद में यह मंच पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था जैसी विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक समस्याओं के खिलाफ एक मुखर आवाज बन गया। अब विमान किराया वृद्धि पर सुप्रीम कोर्ट के रुख को लेकर सौरव दास का यह व्यंग्यात्मक पोस्ट एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।