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मोदी के देर रात फेसबुक लाइव के बाद सक्रिय एनडीए

विपक्ष के बहस की चुनौती देकर सक्रिय हुए लोग

  • अब भाजपा नेताओँ के बयान आने लगे

  • संसद में अब तक बहस से परहेज किया

  • जंतर मंतर का असर पूरे देश में फैला

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं से निपटने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों  के गठन के एलान के बाद पूरी भारतीय जनता पार्टी और केंद्रीय मंत्री उनके समर्थन में आ गए हैं। वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों और शीर्ष नेताओं ने प्रधानमंत्री के इस फैसले की सराहना करते हुए विपक्ष पर इस महत्वपूर्ण मुद्दे से भागने का आरोप लगाया है और उन्हें संसद में खुली बहस की सीधी चुनौती दी है। इस मुद्दे पर खुद प्रधानमंत्री ने कल रात फेसबुक लाइव भी किया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्पष्ट किया कि देश के युवाओं और छात्रों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने लिखा, युवाओं का भविष्य हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। पेपर लीक में शामिल दोषियों को त्वरित और कठोरतम सजा दिलाने के लिए हमने फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है। पीएम मोदी ने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में तुरंत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं, ताकि छात्रों के हितों की पूर्ण सुरक्षा की जा सके।

यह महत्वपूर्ण निर्णय दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर हो रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की विपक्षी मांग के बीच आया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कदम को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह निर्णय युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के प्रति मोदी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण है। स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने भी कहा कि यह फैसला सरकार की युवाओं के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष इस संवेदनशील मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने के बजाय संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है। भाजपा का दावा है कि विपक्ष जानता है कि बहस शुरू होते ही उनके दोहरे मानदंड जनता के सामने आ जाएंगे। सत्तारूढ़ दल ने विपक्षी नेताओं को संसद के पटल पर नीट और छात्रों से जुड़े हर मुद्दे पर खुली चर्चा करने की खुली चुनौती दी है।