भारी विमान से फिर भेजी गयी राहत सामग्री
दो विमानों से यह सामान भेजा गया
पांच बार पहले भी राहत गया था वहां
सर्वाधिक प्रभावित इलाकों तक पहुंच बनी
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: बाढ़ की भीषण विभीषिका से जूझ रहे पड़ोसी देश नेपाल की मदद के लिए भारत ने अपने मानवीय सहायता अभियान को जारी रखा है। गुरुवार रात राहत सामग्री की छठी और सातवीं किश्त लेकर भारतीय वायुसेना के दो सी-130जे परिवहन विमान कुल 21.5 टन सामग्री के साथ काठमांडू पहुंचे। इस खेप में मुख्य रूप से चल रहे बचाव अभियानों के लिए फॉरेंसिक किट और आवश्यक चिकित्सा उपकरण शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राहत सामग्री को नेपाल के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंप दिया गया है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि यह सहायता रसुवा में आई अचानक बाढ़ से हुई तबाही के बाद भारत द्वारा दी जा रही निरंतर सहायता का हिस्सा है।
अब तक भेजी जा चुकी राहत सामग्री का ब्योरा भारत द्वारा राहत प्रयासों की शुरुआत पिछले हफ्ते से ही कर दी गई थी:
26 अगस्त को 10 टन सामग्री में अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाएं थी 27 अगस्त को 37.5 टन सामग्री में टेंट, कंबल, जल निकासी पंप, जनरेटर और खाद्य सामग्री थे। तीसरी खेप में 10 टन अतिरिक्त सहायता सामग्री भेजी गयी।
30 अगस्त के चौथे विमान में 11 टन सामग्री, जिसमें खोज व बचाव उपकरण, डीएनए विश्लेषण के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम शामिल थी। 2 सितंबर के पांचवें विमान में 11 सदस्यीय बचाव दल, विशेष उपकरण और 5.5 टन आवश्यक दवाएं।
नेपाल में बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा 1,259 पहुंचा यह सहायता ऐसे समय में पहुंची है जब नेपाल रसुवा की भीषण बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, गुरुवार शाम 7 बजे तक मृतक संख्या बढ़कर 1,259 हो चुकी है। चितवन में सर्वाधिक 355 शव बरामद किए गए हैं, जबकि नवलपरासी पूर्व में 218, नवलपरासी पश्चिम में 212, नुवाकोट में 177 और रसुवा में 127 लोगों की जान गई है।