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Indore Crime News: इंदौर के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, नोएडा का पूर्व टैक्स असिस्टेंट निकला आरोपी

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के पलासिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत पिछले दिनों एक कमर्शियल बिल्डिंग में स्थित एक बड़े इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में चोरी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया था. इस पूरे सनसनीखेज मामले में पुलिस ने तकनीकी जांच और गहन पड़ताल के बाद नोएडा में आयकर विभाग के टैक्स असिस्टेंट के पद पर कार्यरत होने का झूठा दावा करने वाले एक युवक को धर दबोचा है. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए कुल 21 लैपटॉप, चार टैबलेट, चार स्मार्टफोन और दो महंगी स्मार्ट वॉच सफलतापूर्वक जब्त कर ली हैं. फिलहाल पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है और उसके अन्य ठिकानों के बारे में जानकारी जुटा रही है.

🏢 खुद को बताता था इनकम टैक्स असिस्टेंट, असलियत में प्राइवेट कंपनी का था मैकेनिकल इंजीनियर

पलासिया थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह रघुवंशी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, ”बीते दिनों क्षेत्र में स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम के संचालक द्वारा चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी. उसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने आसपास के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और वैज्ञानिक तरीकों से जांच को आगे बढ़ाया. जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने प्रतीक लिखार नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि आरोपी प्रतीक लिखार अपने परिवार और आसपास के लोगों को यह बताता था कि वह नोएडा में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में टैक्स असिस्टेंट के पद पर कार्यरत है, जबकि सच्चाई यह थी कि वह एक प्राइवेट कंपनी में मैकेनिकल इंजीनियर के तौर पर काम करता था, लेकिन उसने कुछ समय पहले वह नौकरी भी छोड़ दी थी और इंदौर वापस आकर शहर में लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगा था.”

🛍️ शीतला माता बाजार से लेकर विश्वविद्यालयों की लैब तक को बनाया निशाना

पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने अपनी आपराधिक गतिविधियों की शुरुआत सबसे पहले इंदौर के व्यस्त शीतला माता बाजार में स्थित एक दुकान को निशाना बनाकर की थी. वहां से उसने कुछ लैपटॉप चुराए और उन्हें सस्ते दामों पर बेच दिया. इसके बाद उसके हौसले बुलंद होते चले गए और उसने इंदौर शहर के विभिन्न इलाकों में बने हॉस्टल्स, अन्य इलेक्ट्रॉनिक दुकानों और यहां तक कि विश्वविद्यालयों के परिसरों में स्थित कंप्यूटर लैब को भी अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया. इन सभी जगहों से उसने महंगे लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स चुराने की वारदातों को बेखौफ होकर अंजाम दिया.

🔄 नौकरी छोड़कर बना चोर: परिवार से छुपाता था सच, चैट जीपीटी से बनाता था फर्जी बिल

फिलहाल पूरे मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने आरोपी प्रतीक लिखार को गिरफ्तार कर लिया है. प्रारंभिक पूछताछ के दौरान उसने कुबूला कि, ”उसने नोएडा में अपनी नौकरी करीब 6 महीने पहले ही छोड़ दी थी. उसने अपने घर-परिवार के लोगों को यह झूठ बोल रखा था कि वह नोएडा में इनकम टैक्स विभाग में टैक्स असिस्टेंट के रूप में कार्य कर रहा है, जबकि असलियत में वह वहां एक मैकेनिकल इंजीनियर था और वह नौकरी भी काफी पहले छोड़ चुका था.” आरोपी इस बात की भनक अपने परिजनों को बिल्कुल भी नहीं लगने देता था और चोरी की वारदातों को अंजाम देने के बाद जो अवैध पैसे मिलते थे, उसी से वह अपना खर्च चलाता था, जिसके कारण उसके परिवार के किसी भी सदस्य को कभी उस पर कोई शक नहीं हुआ. सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी चुराए गए लैपटॉप्स को ग्राहकों को खपाने और बेचने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी ‘चैट जीपीटी’ (ChatGPT) का इस्तेमाल करता था. वह चैट जीपीटी की मदद से बड़ी और नामी ब्रांडेड कंपनियों तथा इलेक्ट्रॉनिक शोरूम के हूबहू फर्जी इनवॉइस और बिल तैयार कर लेता था, और फिर उन्हीं फर्जी बिलों के आधार पर चुराए गए लैपटॉप्स को फ्लिपकार्ट व अमेजन जैसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के जरिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी आसानी से बेच दिया करता था.