खडगे को नोटिस जारी होने पर फिर से भड़क गयी कांग्रेस
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उनकी कथित आतंकवादी टिप्पणी के लिए जारी किया गया सख्त नोटिस इस बात का प्रमाण है कि आयोग अब एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के बजाय केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक संलग्न कार्यालय के रूप में कार्य कर रहा है। कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने चुनाव आयोग के इस व्यवहार को संविधान पर सीधा हमला और लोकतंत्र के लिए अपमानजनक करार दिया।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब चुनाव आयोग ने बुधवार को खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को आतंकवादी कहे जाने पर गंभीर संज्ञान लिया और उन्हें 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए कड़ा नोटिस जारी किया। यह कार्रवाई भाजपा के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल, जिसमें निर्मला सीतारमण और किरेन रिजिजू जैसे केंद्रीय मंत्री शामिल थे, द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद की गई।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए लिखा, यह लंबे समय से स्पष्ट है कि चुनाव आयोग प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इशारों पर नाचता है। पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में चुनाव प्रक्रिया के दौरान अपनी निष्पक्षता खोने के बाद, आज इसने गृह मंत्रालय के अधीन काम करने का नया प्रमाण दिया है।
जयराम रमेश ने विशेष रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए कहा कि वे एक ऐसी संवैधानिक संस्था का नेतृत्व कर रहे हैं जिसका व्यवहार संविधान का अपमान है और इसके लिए वे स्वयं सबसे अधिक जिम्मेदार हैं। कांग्रेस नेता का गुस्सा तब और बढ़ गया जब आयोग ने खड़गे को जारी किया गया शुरुआती नोटिस वापस लेकर एक नया नोटिस जारी किया।
सूत्रों के अनुसार, पहले नोटिस में तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन का नाम शिकायतकर्ताओं में गलती से शामिल हो गया था, जिसे बाद में सुधार कर केवल किरेन रिजिजू को शिकायतकर्ता बताते हुए नया नोटिस भेजा गया। जयराम रमेश ने इसे आयोग की धोखाधड़ी और झूठ बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि इतिहास उन्हें एक ऐसे कायर के रूप में याद रखेगा जिसने अपने आकाओं की राजनीतिक सुविधा के लिए भारतीय लोकतंत्र की बलि दे दी।
उल्लेखनीय है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा था कि वे विपक्षी दलों को डराने के लिए सरकारी मशीनरी और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। हालांकि, जब उनसे आतंकवादी शब्द के संदर्भ में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मतलब शाब्दिक अर्थ में आतंकवादी कहना नहीं था, बल्कि वे यह कह रहे थे कि प्रधानमंत्री विपक्षी दलों को आतंकित कर रहे हैं और लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर कर रहे हैं। यह नोटिस ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में मतदान और पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनाव की तैयारी अंतिम चरण में है, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक गर्मा गया है।