भारतीय लोकतंत्र आज एक अभूतपूर्व और गंभीर मोड़ पर खड़ा है। स्वतंत्रता के बाद देश ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन वर्तमान में जो परिस्थितियां… अधिक पढ़ें...
देश की राजनीति इन दिनों किसी पुरानी और सस्ती फिल्मी पटकथा जैसी हो गई है, जिसके निर्देशक परदे के पीछे बैठे हैं और खलनायक अपनी भूमिका पूरी… अधिक पढ़ें...