पहले की तुलना में कम वोट पड़े हैः डेरेक ओब्रायन
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माहौल बनाना का गंदा खेल है यह
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पहले के मुकाबले वोटर कम हुए है
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कुल मतदान पहले से कम हुआ है
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः पश्चिम बंगाल के पहले चरण के रिकार्ड मतदान के दावे को चुनौती मिली है। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने फैक्ट चेक करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री के दावे को ही गलत करार दिया ह । उन्होंने कहा कि कोई रिकार्ड नहीं बना बल्कि 2021 की तुलना में 83,674 वोट कम पड़े हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का मतदान संपन्न होते ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक तरफ जहां भगवा खेमा भारी मतदान प्रतिशत को परिवर्तन की लहर बता रहा है, वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा नेता डेरेक ओब्रायन ने आंकड़ों के साथ जवाबी मोर्चा खोल दिया है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि 92.70 प्रतिशत मतदान का आंकड़ा वास्तव में एक भ्रामक विमर्श मात्र है।
डेरेक ओब्रायन द्वारा साझा किए गए तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार, 2021 के विधानसभा चुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या 3.67 करोड़ थी। तब 84 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसका अर्थ था कि कुल 3.10 करोड़ वोट डाले गए थे। हालांकि, 2026 के चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग द्वारा किए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के कारण मतदाता सूची में बड़ा बदलाव आया।
इस प्रक्रिया के तहत लाखों नाम हटाए जाने के कारण कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 3.33 करोड़ रह गई। डेरेक का तर्क है कि इस बार पहले चरण में भले ही 92.70 प्रतिशत मतदान दिखा हो, लेकिन कुल पड़े वोटों की संख्या 3.09 करोड़ ही है। इसका सीधा अर्थ है कि 2021 की तुलना में इस बार वास्तविक वोटों की संख्या में 83,674 की गिरावट आई है।
तृणमूल सांसद ने स्पष्ट किया कि मतदान का प्रतिशत केवल इसलिए अधिक दिख रहा है क्योंकि मतदाता सूची का आकार छोटा हो गया है। उन्होंने अमित शाह पर हमला बोलते हुए कहा, अमित, आपको एक्सपोज करना बहुत आसान है। मतदान प्रतिशत में यह वृद्धि महज गणित का खेल है। मतदाता सूची छोटी होने से प्रतिशत बढ़ा हुआ दिख रहा है, लेकिन वास्तविक जनभागीदारी बढ़ी नहीं, बल्कि कम हुई है। उन्होंने भाजपा नेतृत्व पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य में कोई सुनामी या लहर नहीं है।
शुक्रवार को एक अन्य तीखे पोस्ट में डेरेक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने लिखा, नरेंद्र, आपने घोषणा की थी कि बंगाल की सभी 294 सीटों पर आप ही उम्मीदवार हैं। बड़ी बातें करना बंद करें। 4 मई को जब ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस बंगाल जीत जाएं, तो चुनौती स्वीकार करें और प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दें। डेरेक के इन बयानों से स्पष्ट है कि तृणमूल इसे महज एक विधानसभा चुनाव नहीं, बल्कि मोदी बनाम ममता की सीधी जंग मान रही है। अब देखना यह है कि 4 मई को आने वाले नतीजे डेरेक के इस डेटा-वॉर को कितना सही साबित करते हैं।