Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
DGCA Bribery Case: डीजीसीए के डिप्टी डीजी समेत दो लोग गिरफ्तार, रिश्वतखोरी मामले में सीबीआई का बड़ा ... मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रीमंडल द्वारा दरियाओं, चोओं और सेम नालों से गाद निकालने... ईरान-इजरायल तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य बंद! जहाजों पर फायरिंग से दुनिया भर में हड़कंप, क्या भारत... "मुझे झालमुड़ी खिलाओ..." बंगाल की सड़कों पर पीएम मोदी का देसी अंदाज, काफिला रुकवाकर चखा मशहूर स्नैक ... Srinagar Airport: श्रीनगर एयरपोर्ट पर 2 अमेरिकी नागरिक हिरासत में, चेकिंग के दौरान बैग से मिला Garmi... India's First Semiconductor Unit: ओडिशा में देश की पहली 3D सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट का शिलान्यास; ... TMC vs I-PAC: चुनाव के बीच ममता बनर्जी और I-PAC में ठनी? जानें क्यों TMC के लिए गले की फांस बनी प्रश... ग्लेशियरों का बहाव बाढ़ और हिमस्खलन लायेगा Wedding Tragedy: शादी की खुशियां मातम में बदली, गैस सिलेंडर लीक होने से लगी भीषण आग; 1 की मौत, 4 गंभ... Muzaffarnagar: दिल्ली के 'बंटी-बबली' मुजफ्फरनगर में गिरफ्तार, फर्जी CBI अधिकारी बनकर करते थे लाखों क...

कांग्रेस पार्टी पूरी तरह एकजुट ही हैः दिग्विजय सिंह

अपने बयान पर अब भी डटे हैं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री

  • कहा यह भाजपा का पुराना खेल है

  • हम शहादत देने वाली पार्टी में हैं

  • आरएसएस की विचारधारा का विरोध

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को आरएसएस और भाजपा के संगठनात्मक ढांचे की प्रशंसा से उपजे विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर नेहरू-गांधी परिवार के भीतर मतभेद पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। सिंह ने कहा, विचारधारा में कोई मतभेद नहीं है। हम सब एक हैं। यह वह परिवार है जिसके दो सदस्यों ने शहादत दी है। मैं परिवार में फूट डालने के भाजपा के प्रयासों की कड़ी निंदा करता हूं।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ भाजपा नेता एल.के. आडवाणी की एक पुरानी ब्लैक-एंड-व्हाइट तस्वीर साझा की। अपनी पोस्ट में सिंह ने संगठन की ताकत को श्रेय देते हुए टिप्पणी की थी कि कैसे एक जमीनी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री के पद तक पहुँच सकता है।

भाजपा ने इस टिप्पणी को राहुल गांधी के नेतृत्व के खिलाफ खुली चुनौती के रूप में पेश किया। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने तंज कसते हुए कहा कि पीएम मोदी गुदड़ी के लाल हैं जिन्होंने जमीन से उठकर पार्टी को शीर्ष पर पहुँचाया, जबकि कांग्रेस का नेतृत्व विरासत पर आधारित है।

दिग्विजय सिंह ने बाद में स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि हालांकि वह एक मजबूत संगठनात्मक ढांचे के महत्व को स्वीकार करते हैं, लेकिन वह आरएसएस और पीएम मोदी की विचारधारा के कट्टर विरोधी बने रहेंगे। उन्होंने ट्वीट किया, मैंने संगठन की प्रशंसा की है, आरएसएस की नहीं। क्या संगठन को मजबूत करना बुरी बात है? सिंह ने दोहराया कि वह आरएसएस और मोदी के कट्टर विरोधी थे, हैं और रहेंगे। कांग्रेस के 140वें स्थापना दिवस पर सिंह ने यह भी बताया कि राहुल गांधी संगठन को जिला स्तर तक मजबूत करने की पहल कर रहे हैं, जो जल्द ही पूरी हो जाएगी।