पाकिस्तानी सरकार इसे भारत की साजिश बता रही है
लश्कर ए तैयबा पर हो रहा है हमला
कुछ लोग पीओके में भी मारे गये हैं
वीडियो संदेश में हमले को स्वीकारा गया
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः पाकिस्तान स्थित कुख्यात आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक शीर्ष ऑपरेटिव ने कैमरे पर यह सनसनीखेज दावा किया है कि पाकिस्तान के भीतर अज्ञात हमलावरों ने उनके संगठन के करीब 30 सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया है। सोशल मीडिया पर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकवादी रिजवान हनीफ का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसने यह स्वीकार किया है। आपको बता दें कि पाकिस्तान भले ही यह दावा करता रहा हो कि इस आतंकवादी संगठन को बहुत पहले प्रतिबंधित और भंग किया जा चुका है, लेकिन यह वीडियो उसकी पोल खोलता है।
वायरल वीडियो में रिजवान हनीफ यह दावा करता हुआ नजर आ रहा है कि पिछले 3 से 4 वर्षों के दौरान, साल 2008 के मुंबई हमलों (जिसमें 166 मासूम लोगों की जान चली गई थी) के लिए जिम्मेदार उनके प्रतिबंधित संगठन के कई सदस्यों को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में अज्ञात हमलावरों द्वारा चुन-चुनकर मारा गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावलकोट और मुजफ्फराबाद जैसे प्रमुख शहरों में अज्ञात हमलावरों द्वारा लश्कर-ए-तैयबा के 30 से अधिक आतंकवादियों को ढेर किया जा चुका है। यह पहला मौका है जब अल-कायदा और तालिबान के साथ अपने गहरे संबंधों के कारण साल 2005 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित किए गए लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े किसी आतंकवादी ने सार्वजनिक रूप से इस तरह की टारगेटेड किलिंग की बात को खुले तौर पर स्वीकार किया है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस वायरल वीडियो की सत्यता की पूरी तरह से जांच और पुष्टि कर ली है, तथा यह भी कंफर्म किया है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति एक वरिष्ठ लश्कर आतंकवादी है जो भारत में भी वांछित है। हालांकि वीडियो में रिजवान हनीफ ने इन लक्षित हत्याओं के पीछे भारतीय एजेंसियों का हाथ होने का बेबुनियाद आरोप लगाया है, लेकिन भारत सरकार और उसके अधिकारियों ने इन सभी मनगढ़ंत आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
इसके अलावा, इस वीडियो में रिजवान हनीफ को हिंदू धर्म के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक, अपमानजनक और घृणा से भरी भाषा का इस्तेमाल करते हुए भी सुना जा सकता है। यह घटना एक बार फिर इस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है कि कैसे आतंकवादी संगठन अपनी नापाक साजिशों को अंजाम देने और भोले-भाले युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने के लिए धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग करते हैं और समाज में नफरत फैलाते हैं।