तिरुनेलवेली के रेस्त्रां मालिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया
वहां से गुजरते किसी की नजर पड़ी
पुलिस में शिकायत हुई तो कार्रवाई
इसमें गणेश को मांसाहारी दर्शाया था
राष्ट्रीय खबर
चेन्नईः तमिलनाडु के तिरुनेलवेली शहर में कानून-व्यवस्था और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने से जुड़े एक मामले में पुलिस ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई की है। शहर की पुलिस ने डिंडीगुल कल्याणा बिरयानी नामक रेस्तरां के 30 वर्षीय मालिक जयंत को एक विवादित बैनर लगाने के गंभीर आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। इस बैनर में हिंदू धर्म के प्रमुख देवता भगवान गणेश को मांसाहारी व्यंजन यानी बिरयानी खाते हुए चित्रित किया गया था, जिसके चलते स्थानीय स्तर पर भारी आक्रोश फैल गया और यह मामला तूल पकड़ गया।
घटना की शुरुआत तब हुई जब नरसिंगनल्लूर क्षेत्र के रहने वाले 42 वर्षीय एक बिल्डर सेल्वराज ने शनिवार को वीएम छत्रियों फ्लाईओवर के पास स्थित उक्त रेस्तरां के बाहर इस बैनर को अपनी नजरों से देखा। भगवान गणेश के इस प्रकार के अपमानजनक और आपत्तिजनक चित्रण को देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। इसके तुरंत बाद, सेल्वराज ने स्थानीय पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह के कृत्यों से बहुसंख्यक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची है, और उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार रेस्तरां प्रबंधन तथा अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की।
शिकायत मिलते ही तिरुनेलवेली शहर की पुलिस हरकत में आई और मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने प्राप्त शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत मामला दर्ज कर लिया। यह धारा विशेष रूप से किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के इरादे से किए गए जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्यों से संबंधित है। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने तेजी से प्रारंभिक जांच को आगे बढ़ाया।
जांच के दौरान जब बैनर लगाने में रेस्तरां मालिक की संलिप्तता स्पष्ट हो गई, तो पुलिस ने बिना देर किए रेस्तरां के मालिक जयंत को हिरासत में ले लिया और पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे आगे की न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस बैनर को डिजाइन और प्रिंट करने के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे।