ओडिशा में राहुल गांधी का छात्रों की गूंज
राज्य में युवाओं की धमक सुनाई दे रही है
राजधानी में आयोजित होगा यह कार्यक्रम
इसमें सिर्फ युवाओं के मुद्दों पर चर्चा
प्रसन्न मोहंति
भुवनेश्वर : नेपाल में हाल ही में हुए ऐतिहासिक जेन-ज़ेड आंदोलन के परिणामस्वरूप वहां की सत्ता में बड़ा उलटफेर देखने को मिला था, और अब इस राजनीतिक बदलाव की गूंज पड़ोसी देश की सीमाओं से निकलकर भारत के पूर्वी राज्य ओडिशा में भी साफ सुनाई देने लगी है। लंबे समय से राजनीतिक वनवास झेल रही और अपनी पुरानी राजनीतिक जमीन तथा साख को वापस पाने की जुगत में जुटी कांग्रेस पार्टी ने अब इसी जेन-ज़ेड यानी युवा वर्ग के कंधों पर सवार होकर ओडिशा में एक नई और मजबूत सियासी जमीन तैयार करने की ठोस रणनीति बनाई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया है कि आगामी अक्टूबर के महीने में ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में एक विशाल छात्रों की गूंज कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। अनुमान है कि इस महाआयोजन में वे राज्य भर से जुटे 20,000 से अधिक ऊर्जावान युवाओं और छात्रों को सीधे संबोधित करेंगे और उन्हें केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट होने का संदेश देंगे।
इस आगामी राजनीतिक कार्यक्रम का मुख्य एजेंडा आज की युवा पीढ़ी और जेन-ज़ेड से जुड़े बेहद गंभीर व ज्वलनशील मुद्दे होंगे। इनमें मुख्य रूप से चरम पर पहुंच चुकी बेरोजगारी, आए दिन होने वाले पेपर लीक के मामले, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, युवाओं के लिए कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) के अवसरों की कमी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर सोशल मीडिया पर हो रही घेराबंदी जैसे विषय शामिल हैं। कांग्रेस इन मुद्दों के जरिए सीधे तौर पर युवाओं के साथ भावनात्मक और वैचारिक जुड़ाव स्थापित करना चाहती है।
राजनीतिक विश्लेषकों और जानकारों का मानना है कि ओडिशा के चुनावी समीकरणों में युवा मतदाता एक निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि राज्य में कुल मतदाताओं में से 60 प्रतिशत से अधिक वोटर 35 साल से कम आयु वर्ग के हैं। वर्तमान में ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) करीब ढाई दशक यानी 25 साल के लंबे अंतराल के बाद सत्ता में आई है, और इसके साथ ही बीजू जनता दल का पारंपरिक युवा वोट बैंक भी धीरे-धीरे बिखर रहा है। राजनीतिक जानकारों का विश्लेषण है कि कांग्रेस की पैनी नजर इसी असंतुष्ट और नए युवा वोटर पर टिकी है। इसके अलावा, आगामी 2 अक्टूबर को नबरंगपुर जिले से शुरू होने वाली एक बड़ी पदयात्रा के जरिए कांग्रेस पार्टी राज्य में आगामी पंचायत चुनावों के लिए मजबूत राजनीतिक माहौल बनाने और जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी कर रही है।