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मलेशियाई इंजीनियर के आत्महत्या के मामले में नया पेंच

ज्ञानेश कुमार की भूमिका जांच रही है जांच एजेंसी

पाटि बेल के अफसर थे लीसी बिन

ज्ञानेश कुमार विभाग के प्रमुख थे वहां

चौदह करोड़ का भुगतान रोका गया था

राष्ट्रीय खबर

तिरुअनंतपुरमः केरल राज्य परिवहन परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही सतर्कता और भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो को अब तक 2007-2012 के दौरान हुई पिछली जांच में कोई खामी नहीं मिली है। यह मामला पूर्व पीडब्ल्यूडी सचिव और वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ा हुआ है। हालांकि, केएसटीपी के लिए काम करने वाली संयुक्त उद्यम फर्म पाटि बेल से जुड़े पूर्व ठेकेदार साजन वी. ओ. के नए पत्र ने इस मामले में नया मोड़ ला दिया है।

23 अक्टूबर को सतर्कता निदेशक को भेजे पत्र में साजन ने ज्ञानेश कुमार पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाए हैं। साजन के अनुसार, 2006 में आत्महत्या करने वाले पाटि के मुख्य परियोजना प्रबंधक ली सी बीन ने बताया था कि 2 करोड़ रुपये की रिश्वत न देने के कारण ज्ञानेश कुमार ने 14 करोड़ रुपये के चार बिल रोक रखे थे। साजन ने बताया कि पुलिस या सतर्कता विभाग ने ली की आत्महत्या और भ्रष्टाचार के इन दावों को लेकर उनसे या ली के करीबी सहयोगियों से कभी पूछताछ नहीं की।

साजन का दावा है कि ली ने मलेशिया जाने से पहले एक सुसाइड नोट तैयार किया था, जिसकी दो प्रतियां अपनी पत्नी और कंपनी प्रमुख के लिए रखी थीं। सतर्कता इकाई ने 2007 में 8 शिकायतों पर जांच की थी, जिसमें 84 करोड़ रुपये के नुकसान संबंधी सीएजी रिपोर्ट भी शामिल थी, लेकिन तब ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले थे। अब साजन के नए दावों के बाद वीएसीबी इस पत्र की सामग्री पर आगे की कार्रवाई पर विचार कर रही है।