Breaking News in Hindi

जोशीमठ के पास हेलीकॉप्टर हादसे का दुखद अंत हुआ

सभी सवार छह लोगों की मौत हो गयी है

अब तक वजह का पता नहीं चला

चार धाम यात्रा की उड़ान पर था

अब तक नौ ऐसे हादसे हुए हैं

राष्ट्रीय खबर

देहरादूनः उत्तराखंड के जोशीमठ में शुक्रवार की दोपहर एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां बद्रीनाथ से श्रद्धालुओं को लेकर देहरादून जा रही एक निजी कंपनी (ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड) का हेलीकॉप्टर बादलों से घिरे पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पायलट समेत सवार सभी छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

चमोली जिले के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार, ट्रांस भारत एविएशन के इस हेलीकॉप्टर ने दोपहर 1:12 बजे बद्रीनाथ से उड़ान भरी थी और उड़ान भरने के केवल दो मिनट बाद ही इसका एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम से संपर्क पूरी तरह टूट गया। मृतकों में दिल्ली निवासी पायलट कैप्टन हिमांशु के अलावा कर्नाटक राज्य के रहने वाले पांच श्रद्धालु—प्रताप, अरुण सालुंके, शंकर गौड़ा, सुधीर के., और एच.एस. नटराजा शामिल हैं।

यह हेलीकॉप्टर पहाड़ी राज्य के प्रसिद्ध चार धाम यात्रा सर्किट के नियमित मार्ग पर अपनी सेवा दे रहा था। दुर्घटना का शिकार होने से पहले सभी पर्यटकों ने भारत-तिब्बत सीमा पर स्थित देश के अंतिम गांव माणा और बद्रीनाथ धाम के दर्शन किए थे। दर्शन के बाद वापस लौटते समय चाईं गांव के ऊपर यह दुखद हादसा घटित हुआ। घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रांस भारत एविएशन कंपनी के सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर तत्काल प्रभाव से अस्थाई रोक लगा दी है।

प्राधिकरण के अनुसार, विस्तृत जांच के बाद ही दुर्घटना के सटीक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। इस पूरे मामले की आधिकारिक जांच विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया के माध्यम से हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और बताया कि जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग तथा राज्य आपदा प्रतिवादन बल द्वारा दुर्घटनास्थल पर संयुक्त बचाव एवं राहत अभियान चलाया जा रहा है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2015 से 2025 के बीच चार धाम यात्रा क्षेत्र में कुल नौ हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं और गंभीर घटनाएं दर्ज की गई हैं। पिछले वर्ष 15 जून को भी आर्यन एविएशन का एक हेलीकॉप्टर रुद्रप्रयाग के गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें एक मासूम शिशु और पायलट समेत सात लोगों की जान चली गई थी। इसके अलावा, मई और जून महीनों के दौरान तकनीकी खराबी, हार्ड लैंडिंग और इमरजेंसी क्रैश-लैंडिंग की कई घटनाएं सामने आई हैं। यात्रा सत्र की शुरुआत में ही प्रशासन ने सभी विमानन कंपनियों को खराब मौसम के प्रति सचेत रहने, केवल अनुभवी पायलटों की तैनाती करने और हेलीकॉप्टरों के फिटनेस टेस्ट सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए थे।