ट्रंप समर्थक जेसन मिलर ने बोल्सोनारो की मदद की
अमेरिकी दूतावास दिल्ली में भी रहे हैं
काफी समय से डोनाल्ड ट्रंप के साथ हैं
निजी जेट से भगोड़े नेता को ले गये
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः ट्रम्प के वफादार और इस साल जून तक अमेरिका में भारत के लिए लॉबीस्ट रहे जेसन मिलर ने ब्राजील के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी फ्लेवियो बोल्सोनारो को निजी जेट से फ्लोरिडा पहुंचाने में मदद की। फ्लेवियो चुनाव हारने के बाद अर्जेंटीना से अमेरिका गए थे, जिसका विरोध उन्होंने दर्ज कराया था। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, मिलर जुलाई 2026 में विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में अमेरिकी सरकार में शामिल हुए और उन्होंने फ्लेवियो के भाई एडुआर्डो बोल्सोनारो के साथ मिलकर मियामी के लिए एक निजी विमान किराए पर लिया। नये खुलासे के अनुसार, भारतीय दूतावास के साथ मिलर का अनुबंध 23 जून 2026 को समाप्त कर दिया गया था।
मिलर ने लगभग एक दशक पहले डोनाल्ड ट्रम्प के अभियान में काम किया था और 2016 में वे व्हाइट हाउस कम्युनिकेशंस डायरेक्टर बनने वाले थे, लेकिन विवाद के कारण उन्हें बाहर होना पड़ा था। मिलर ने ट्रम्प के तीनों अभियानों में काम किया है।
अप्रैल 2025 में, वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने मिलर और उनकी फर्म एसएचबल्ब्यू पार्टनर्स को 1.8 मिलियन डॉलर के सालाना अनुबंध पर रखा था। यह अनुबंध जम्मू और कश्मीर में पहलगाम आतंकी हमले (जिसमें 26 लोग मारे गए थे) के दो दिन बाद किया गया था। एफएआरए के तहत हुए खुलासों से पता चलता है कि इस साल की शुरुआत में इस अनुबंध का नवीनीकरण किया गया था। दूतावास द्वारा किराए पर ली गई एक अन्य फर्म मरकरी पब्लिक अफेयर्स (जिसके संबंध ट्रम्प की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स से हैं) भी वाशिंगटन में भारत का पक्ष रख रही है।
विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में मिलर साल में अधिकतम 130 दिन ही काम कर सकते हैं, ठीक वैसी ही सीमा जैसी एलन मस्क पर लागू हुई थी। भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत के दौरान मिलर ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से कई बार बातचीत की थी। मिलर के ट्रम्प से करीबी संबंधों ने उन्हें व्हाइट हाउस के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी बनाया। वर्तमान में, मिलर ट्रम्प प्रशासन की उपलब्धियों को प्रचारित करने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।