गुजरात के दौरे पर गये प्रधानमंत्री का राजनीतिक संदेश
बनासकांठा की जनसभा में ऐसा कहा
संन्यास लेने की अटकलों पर विराम
मुझे अब भी नरेंद्र भाई ही कहें लोग
राष्ट्रीय खबर
अहमदाबादः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनासकांठा जिले में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अपने राजनीतिक जीवन से संन्यास की अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्होंने समर्थकों और विरोधियों दोनों को एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि वे अपने जीवन की आखिरी सांस तक देश और जनता की सेवा करते रहेंगे।
पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा, मैं अपने जीवन के अंतिम क्षण तक अपने लोगों की सेवा में लगा रहूंगा। मेरी अंतिम सांस तक मेरी नीति केवल और केवल जनता की सेवा की होगी। बनासकांठा से भावनात्मक जुड़ाव: उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के बाद आयोजित अपनी पहली बड़ी जनसभा को याद किया, जो बनासकांठा में ही हुई थी। उन्होंने कहा, जब मैं सीएम बना, तब मुझे फाइलों और नीतियों की कोई जानकारी नहीं थी, आप लोगों ने ही मुझे सब कुछ सिखाया है।
अपने गृह राज्य के लोगों से आत्मीयता जताते हुए पीएम ने कहा कि जब बनासकांठा के लोग उन्हें प्रधानमंत्री कहकर बुलाते हैं तो उन्हें अजीब लगता है, इसलिए वे उन्हें पहले की तरह नरेंद्र भाई ही कहें।14,000 करोड़ रुपये की सौगात और किसान कल्याण:जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री ने बनासकांठा में 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर और इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन लैब का दौरा किया, जो कांकरेज जैसी स्वदेशी पशु नस्लों के संवर्धन में मदद करेगी।
पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार ने हमेशा किसानों के कल्याण और एमएसपी के वादों को प्राथमिकता दी है। एकता दिवस समारोह:प्रधानमंत्री अपने इस दौरे के दौरान 31 अक्टूबर को केवड़िया (एकता नगर) में भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेंगे और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।