पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कार्रवाई की अध्यक्षता की
खडगे के आवास पर हुआ यह आयोजन
मुख्य चुनाव आयुक्त भाजपा के पक्ष में
भाजपा ने राहुल गांधी पर फिर तंज कसा
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: कांग्रेसी नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग शुरू किया। गठबंधन ने यह आरोप दोहराया कि हालिया चुनावों में वोटों की चोरी के कारण भाजपा-नीत एनडीए सरकार अवैध है। संसद की वास्तविक कार्यप्रणाली की तर्ज पर आयोजित इस प्रक्रिया में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने अध्यक्षता की और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रस्ताव पेश किया। इस घटनाक्रम पर भाजपा ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे हकीकत में चुनाव जीतने में असमर्थ होकर अपनी पसंद की संसद बनाकर बैठे हैं। भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने इसे फर्जीवाड़ा और भ्रामक आख्यान फैलाने का प्रयास बताया।
इस मॉक सत्र का आयोजन दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की महा रैली से ठीक एक दिन पहले हुआ। कार्रवाई शुरू करते हुए मीरा कुमार ने कहा कि लोगों के वोट गलत तरीके से हटाए जा रहे हैं और जब सवाल पूछे जाते हैं तो कोई पारदर्शिता नहीं मिलती। खरगे ने प्रतीकात्मक प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि आज लोकतंत्र में मताधिकार गंभीर खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों पर काम कर रहे हैं।
खरगे ने संविधान के अनुच्छेद 326 का हवाला देते हुए छह प्रमुख आरोप सूचीबद्ध किए—जिनमें चुनावों की चोरी की साजिश, 1.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाना, बिना संसदीय मंजूरी के फॉर्म 6 को फिर से लिखना, आसीआईनेट के माध्यम से मतदाता सूचियों पर कब्जा करना, अन्य दो आयुक्तों को दरकिनार करना और सत्ताधारी शीर्ष नेताओं के इशारे पर काम करना शामिल है।
दूसरी ओर, गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को संसद के विशेष सत्र में मतदाता सूची के मुद्दे पर बहस करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि भाजपा संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल हंगामा खड़ा करता है। इंडिया ब्लॉक विशेष गहन पुनरीक्षण को निलंबित करने और इससे पहले की मतदाता सूचियों को बहाल करने की मांग कर रहा है। इस एसआईआर के कारण लगभग 13 करोड़ नाम सूची से हटा दिए गए हैं।