खुफिया सूचना पर ब्रह्मपुत्र नदी घाट पर कार्रवाई
घुसपैठियों पर असम पुलिस का शिकंजा
ऐसे तेइस लोगों को वापस लौटाया गया है
भूटान से ग्लोफ का खतरा, सतर्कता जारी
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी: असम में अवैध घुसपैठ के खिलाफ जारी अभियान के तहत पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। भारत-बांग्लादेश सीमा के करीब स्थित धुबरी जिले में पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को 36 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई धुबरी के जोगमाया फेरी घाट पर की गई। शुरुआती जांच से पता चला है कि यह पूरा समूह हाटसिंगीमारी से एक मोटर चालित नाव के जरिए धुबरी पहुंचा था और वहां से उनकी आगे चेन्नई जाने की योजना थी।
धुबरी जिले के एसएसपी देबाशीष बोराह ने बताया कि हिरासत में लिए गए सभी 36 लोग बांग्लादेश के राजशाही डिवीजन के चपाई नवाबगंज जिले के निवासी हैं। पुलिस को संदेह है कि इन्हें सीमा पार कराने और देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने में किसी संगठित गिरोह की भूमिका है। इस मामले में मिलन नामक एक बिचौलिए का नाम सामने आया है, जिसकी जांच की जा रही है। आरोप है कि प्रति व्यक्ति 15,000 से 17,000 रुपये वसूल कर सीमा पार कराई गई थी। सभी संदिग्धों को धुबरी पुलिस रिजर्व में रखकर पूछताछ की जा रही है और अब तक इसमें किसी भारतीय नागरिक के शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया है कि असम घुसपैठियों के लिए सुरक्षित स्थान नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि हाल ही में 23 अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य के हितों की रक्षा के लिए अवैध रूप से रह रहे लोगों को बाहर निकालने की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
दूसरी तरफ, भूटान के उत्तरी गासा जिले में स्थित सिंताफू झील में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी ग्लेशियर झील फटने की घटना के बाद असम और पश्चिम बंगाल में अलर्ट जारी कर दिया गया है। संकोश नदी प्रणाली के निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते धुबरी और कोकराझार जिलों में आपदा प्रतिक्रिया टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। पश्चिम बंगाल प्रशासन और पर्यटन मंत्री डॉ. शंकर घोष ने भी स्थिति पर निगरानी रखने और एहतियाती सलाह जारी करने की बात कही है।
इसके अलावा, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम की स्पेलिंग गलत लिखे जाने पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तंज कसा। उन्होंने कांग्रेस को सोशल मीडिया स्टंट के बजाय जमीन पर ईवीएम के जरिए भाजपा से मुकाबला करने की सलाह दी।