Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Jharkhand Weather Alert: झारखंड में मौसम ने ली करवट; मई के पहले हफ्ते तक मेघ गर्जन और बारिश का अलर्ट... Vineet Tiwari Murder Case: विनीत तिवारी हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई; SIT का गठन, कई ठिकानों पर पुलिस... Palamu Railway Wagon Factory: पलामू में खुलेगी रेलवे वैगन फैक्ट्री! रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सां... Jharkhand Board Result: आईसीएसई-आईएससी नतीजों में झारखंड का जलवा, 99.2% पास प्रतिशत के साथ बेटियों क... Land Dispute: जमीन सीमांकन के दौरान अंचल टीम पर हमला; महिलाओं ने कर्मियों को पीटा, काम रोककर भागे अध... Ramgarh Cyber Crime: रामगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई; साइबर गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार, फर्जी खातों से ... CG Assembly: महिला सशक्तिकरण पर छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र; शासकीय संकल्प पेश, आरक्षण पर हुई ब... Durg News: 'रामलला दर्शन योजना' के तहत 178 श्रद्धालु अयोध्या रवाना; मेयर धीरज बाकलीवाल ने दिखाई हरी ... Real Estate Scam: नामी बिल्डर के ठिकानों पर ED का छापा; मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दस्तावेज खंगाल रही ... Bijapur News: 'मनवा पुलिस मनवा नाटे' अभियान के तहत चिंगेर में जनसंवाद, ग्रामीणों की समस्याओं का हुआ ...

बांग्लादेशी छात्र नेता दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार

हिंदू पुलिसकर्मी की हत्या कर भारत में छिपा था

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए तख्तापलट और उसके बाद फैली सांप्रदायिक व राजनीतिक हिंसा के काले अध्यायों में से एक, हिंदू पुलिसकर्मी संतोष चौधरी की नृशंस हत्या के मामले में एक बड़ी सफलता मिली है। इस जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी और बांग्लादेशी पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल छात्र नेता अहमद रजा हसन मेहंदी को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया गया है।

यह मामला 5 अगस्त 2024 का है, जब बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद देश भर में अराजकता का माहौल था। संतोष चौधरी, जो हबीबगंज जिले के बनियाचोंग थाने में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे, उस समय ड्यूटी पर थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उग्र प्रदर्शनकारियों की एक विशाल भीड़ ने थाने पर हमला बोल दिया। भीड़ ने संतोष चौधरी को निशाना बनाया और थाने के भीतर ही उनकी बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद भीड़ ने उनके शरीर को आग लगा दी। बाद में संतोष का अधजला शव थाने के पास एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया। इस भयावह दृश्य की तस्वीरों और वीडियो ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

आरोपी अहमद रजा हसन मेहंदी, जो इस पूरी हिंसा और हत्या की साजिश का मुख्य चेहरा माना जा रहा था, घटना के बाद से ही फरार था। खुफिया इनपुट के अनुसार, मेहंदी अवैध रूप से सीमा पार कर भारत में दाखिल हुआ और यहाँ छिपकर रह रहा था। उसका इरादा भारत को एक ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल कर यूरोप भागने का था।

दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर जाल बिछाया और उसे हवाई अड्डे पर उस समय दबोच लिया जब वह विदेश जाने की फिराक में था। सूत्रों के अनुसार, मेहंदी ने एक वीडियो संदेश में इस कृत्य में अपनी संलिप्तता भी स्वीकार की थी, जो बाद में जांच का मुख्य आधार बना।

गिरफ्तारी के बाद, कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए मेहंदी को वापस बांग्लादेश भेज दिया गया है, जहाँ उसे स्थानीय अदालतों में सुनवाई का सामना करना होगा। हालांकि सुरक्षा कारणों से उसकी गिरफ्तारी और हस्तांतरण की सटीक तारीख को गुप्त रखा गया है, लेकिन यह कार्रवाई दक्षिण एशियाई क्षेत्र में आतंकवाद और हिंसक अपराधियों के खिलाफ साझा सुरक्षा प्रयासों को रेखांकित करती है। संतोष चौधरी के परिवार और मानवाधिकार संगठनों के लिए यह गिरफ्तारी न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।