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किसी प्रदर्शनकारी को अकेला नहीं छोड़ेंगेः सीजेपी

कई राज्यों में एफआईआर होने की शिकायत पर सक्रिय संगठन

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः किसी भी प्रदर्शनकारी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। हम सब इस संघर्ष में एक साथ हैं। सरकार के प्रतिनिधियों के साथ देर रात हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने यह आधिकारिक बयान जारी किया। संगठन ने दावा किया है कि सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया है कि प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और राहत सुनिश्चित करने वाली अधिसूचनाएँ जल्द ही अन्य राज्यों द्वारा भी जारी की जाएँगी।

सीजेपी का यह बयान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई हालिया पुलिस कार्रवाई को समझौते का उल्लंघन बताते हुए नए सिरे से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी देने के ठीक कुछ घंटों बाद आया है। वार्ता के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने बिहार और असम सरकार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेशों की प्रतियाँ सीजेपी नेताओं के साथ साझा कीं, जिनमें प्रदर्शनकारियों को कानूनी राहत देने के निर्देश शामिल हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर देर रात 1 बजे जारी एक अपडेट में सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने लिखा कि केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने, हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत रिहा करने और केंद्र सरकार के साथ-साथ अन्य भाजपा/एनडीए शासित राज्यों से भी इसी तरह की अधिसूचनाएँ जारी करवाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

बैठक के विवरण साझा करते हुए सौरव दास ने कहा, हमारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ ही घंटों बाद, सरकार के प्रतिनिधियों ने हमसे मुलाकात की। यह बैठक लगभग दो से तीन घंटे तक चली। उन्होंने हमारे साथ बिहार और असम सरकार की उन अधिसूचनाओं की प्रतियाँ साझा की हैं जो दर्ज प्राथमिकी की वापसी, भविष्य में कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने और हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार किए गए सभी लोगों की तत्काल रिहाई की गारंटी देती हैं। दास ने आगे कहा कि सरकार ने दोहराया है कि सहमति के अनुसार केंद्र सरकार और अन्य सभी एनडीए-शासित राज्यों से भी इसी प्रकार की वैधानिक गारंटी अधिसूचनाएँ जारी की जाएँगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सहमति पत्र में तय की गई भाषा का ही आधिकारिक रूप से पालन किया जाएगा ताकि किसी भी प्रदर्शनकारी के साथ अन्याय न हो।

यह घटनाक्रम केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारी संगठनों के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक तनाव के बीच एक बड़े संभावित मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के खिलाफ छात्र और राजनीतिक दल सड़कों पर थे। सीजेपी के साथ हुई इस देर रात की बातचीत और कानूनी मुकदमों को वापस लेने के वादे से यह संकेत मिलता है कि सरकार आंदोलनकारी गुटों के साथ गतिरोध समाप्त करने और शांति बहाल करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।