चीनी उपकरणों की कम विश्वसनीयता का दूसरा नमूना दिखा
जिया छावनी में हुआ यह बड़ा हादसा
टैंक के अंदर ही जोरदार धमाका हुआ
चीनी हथियारों की गुणवत्ता पर सवाल
ढाकाः चीनी मूल के बांग्लादेशी सेना के मुख्य युद्धक टैंक में सैन्य युद्धाभ्यास के दौरान एक भीषण धमाका हो गया, जिसकी चपेट में आने से सेना के दो जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। यह गंभीर दुर्घटना देश के एक प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण केंद्र पर नियमित सामरिक अभ्यास के दौरान घटित हुई। बांग्लादेशी सेना के उच्च अधिकारियों के अनुसार, इस अप्रत्याशित हादसे में कई अन्य जवान गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी सैन्य चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
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यह दुर्घटना तटीय और सामरिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित जिया छावनी के फायरिंग रेंज में सुबह के सत्र के दौरान हुई। चीनी डिजाइन और निर्माण वाले इस अत्याधुनिक टैंक के अंदर तो गोले की लोडिंग या आंतरिक प्रणालियों में तकनीकी खराबी आने के कारण अचानक विस्फोट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि टैंक का अगला हिस्सा और बुर्ज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पास ही तैनात अन्य सैन्यकर्मी और प्रशिक्षण ले रहे अधिकारी भी इसकी चपेट में आ गए।
सेना और रक्षा मंत्रालय की प्रतिक्रिया घटना की सूचना मिलते ही सैन्य मुख्यालय हरकत में आ गया। सेना प्रमुख ने इस दुखद दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मारे गए सैनिकों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं। रक्षा मंत्रालय ने इस दुर्घटना के कारणों की गहराई से जांच करने के आदेश दे दिए हैं। इसके लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी जांच समिति का गठन किया गया है, जो यह पता लगाएगी कि यह हादसा किसी तकनीकी विफलता, रखरखाव में लापरवाही या गोला-बारूद के दोषपूर्ण होने के कारण हुआ था।
रक्षा संबंधों और उपकरणों पर प्रभाव बांग्लादेश अपनी थल सेना की मारक क्षमता को मजबूत करने के लिए काफी हद तक चीनी सैन्य हार्डवेयर पर निर्भर रहा है। देश के बेड़े में चीनी निर्मित टैंकों की एक बड़ी संख्या शामिल है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से बांग्लादेशी रक्षा हलकों में चीनी रक्षा उपकरणों की विश्वसनीयता, गुणवत्ता नियंत्रण और उनके रखरखाव के प्रोटोकॉल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद बांग्लादेश सरकार भविष्य में सैन्य उपकरणों के आयात और उनके तकनीकी ऑडिट को लेकर अधिक सतर्कता बरत सकती है। फिलहाल, मृतक जवानों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांवों के लिए रवाना कर दिया गया है, जहां उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।