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यमन के हूती विद्रोहियों को अब पाकिस्तान से चेतावनी मिली

रक्षा समझौता लागू किया तो बड़ा हमला होगा

  • तीन देशों के आपसी समझौते का जिक्र

  • विद्रोहियों ने कई ठिकानो पर हमला किया

  • साफ कर दिया कि सिर्फ मूकदर्शक नहीं रहेंगे

दुबईः पाकिस्तान के रक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब की धरती और तेल प्रतिष्ठानों पर किए जाने वाले हमलों से दोनों देशों के बीच पुराना रक्षा समझौता सक्रिय हो सकता है। पाकिस्तानी संसद और रक्षा मंत्रालय के उच्च स्तर पर हुई बैठकों में यह चेतावनी दी गई है कि यदि खाड़ी देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर कोई बड़ा संकट आता है, तो इस्लामाबाद अपनी ऐतिहासिक द्विपक्षीय संधियों के तहत किंगडम की सुरक्षा में मदद करने के लिए बाध्य महसूस कर सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है और समुद्री तथा स्थलीय सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।

पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच दशकों पुराने सैन्य और रणनीतिक संबंध रहे हैं, जिसके तहत दोनों देशों के बीच कई रक्षा सहयोग समझौते और गुप्त प्रोटोकॉल हस्ताक्षरित हैं। इन समझौतों के प्रावधानों के अनुसार, यदि सऊदी अरब की सीमाओं के भीतर या उसके सामरिक ठिकानों पर किसी बाहरी या आतंकवादी समूह द्वारा गंभीर हमला किया जाता है, तो पाकिस्तानी सशस्त्र बल सऊदी सेना को सैन्य सहायता और साजो-सामान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हूती विद्रोहियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे आधुनिक ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों के खतरे को देखते हुए इस समझौते का प्रासंगिकता और दायरा एक बार फिर से चर्चा के केंद्र में आ गया है।

विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान का यह बयान मध्य पूर्व में अपनी रणनीतिक स्थिति को संतुलित करने की एक सोची-समझी कूटनीति का हिस्सा है। एक तरफ जहां पाकिस्तान अपनी लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए सऊदी अरब से मिलने वाले वित्तीय निवेश और रियायती तेल आपूर्ति पर भारी रूप से निर्भर है, वहीं दूसरी तरफ उसे ईरान समर्थित हूती गुटों के साथ प्रत्यक्ष उलझनों से बचने के लिए कूटनीतिक संतुलन भी साधना पड़ रहा है। हालांकि, इस तरह के बयानों से यह संदेश जरूर गया है कि पाकिस्तान रियाद की सुरक्षा को अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखता है और खाड़ी क्षेत्र में किसी भी बड़े संघर्ष की स्थिति में मूकदर्शक नहीं बना रहेगा।