लोगों ने वहां एक काले रंग की गाड़ी को देखा था
पशु तस्करी का सीधा मामला है
यहां कैसे लाया गया, इसकी जांच जारी
सभी बच्चों को नंदनकानन में रखा गया
राष्ट्रीय खबर
भुवनेश्वरः ओडिशा के बालासोर जिले के एक शांत और घने जंगल से दक्षिण-पूर्व एशिया के उष्णकटिबंधीय जंगलों में पाए जाने वाले पांच दुर्लभ और अत्यंत संकटग्रस्त बेबी ओरंगुटान के अचानक बरामद होने से राज्य के वन्यजीव अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच भारी हड़कंप मच गया है। भारत के प्राकृतिक आवास और भौगोलिक परिवेश में स्वाभाविक रूप से न पाए जाने वाले इन विदेशी जीवों के इस तरह अचानक प्रकट होने से यह पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी के एक बड़े और संगठित नेटवर्क की ओर साफ इशारा कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय अवैध वन्यजीव बाजार में इन मासूम जीवों की अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये से भी अधिक, यानी लगभग 1.25 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिससे तस्करों के इस नापाक खेल की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
घटना का मुख्य घटनाक्रम तब सामने आया जब स्थानीय ग्रामीणों ने बालासोर जिले के भोगराई ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले बिछियात्रापुर क्षेत्र के पास पेड़ों की ऊंची-ऊंची शाखाओं पर इन छोटे-छोटे विदेशी वानरों को लावारिस हालत में देखा और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय वन विभाग को दी। प्रारंभिक जांच-पड़ताल में यह महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि तस्करों द्वारा कानून की गिरफ्त में पकड़े जाने के कड़े डर से या पुलिस की अचानक बढ़ी सख्ती के अंदेशे के चलते इन्हें जानबूझकर जंगल में छोड़ दिया गया होगा।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, इस सनसनीखेज घटना से ठीक एक रात पहले, यानी सोमवार की रात को जंगल के बिल्कुल पास एक संदिग्ध काले रंग की एसयूवी (कार) को मंडराते हुए देखा गया था, जो वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में भी पूरी तरह कैद हो गई है। स्थानीय पुलिस और वन विभाग का यह पक्का मानना है कि इस संदिग्ध वाहन और उसके अज्ञात मालिक की तलाश से इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश किया जा सकता है।
इस पूरे गंभीर रहस्य को शीशे की तरह साफ करने के लिए ओडिशा पुलिस की विशेष कार्य बल और वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो ने संयुक्त रूप से एक व्यापक जांच का अभियान शुरू कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों का शुरुआती अनुमान है कि इन जीवों को पड़ोसी महानगर कोलकाता के रास्ते या फिर जलमार्गों व रेल मार्गों के जरिए अवैध रूप से भारत में तस्करी करके लाया गया होगा। फिलहाल, इस पूरी प्रक्रिया में सुरक्षित बचाए गए सभी पाँचों बेबी ओरंगुटान को राजधानी भुवनेश्वर स्थित प्रसिद्ध नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क में लाकर पूरी सुरक्षा, कड़ी निगरानी और विशेष क्वारंटाइन वार्ड में रखकर उनकी सेहत की देखभाल की जा रही है।