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ज्ञानेश कुमार और एसआईआर का विरोध जारी है

पुलिस के दमन के जारी रहने के बीच ही आंदोलन तेज

पुलिस की कार्रवाई का कोई भय नहीं

अलग अलग जत्थों में आने लगे लोग

जंतर मंतर का मुद्दा भी चर्चा में है

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः पीपुल अगेंस्ट एसआईआर के बैनर तले छात्र, युवा, महिला, किसान और नागरिक समाज संगठनों के लगभग 500 प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को मध्य दिल्ली में एक विशाल विरोध मार्च निकाला। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना था। यह विरोध मार्च इस प्रक्रिया के खिलाफ देशभर में चलाए जा रहे सिलसिलेवार प्रदर्शनों का ही एक हिस्सा था।

दिल्ली पुलिस के अनुसार लगभग 20 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बाद में छोड़ दिया गया, जबकि प्रदर्शनकारियों का दावा है कि करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कम से कम एक प्राथमिकी दर्ज की है।

राष्ट्रीय ध्वज, बैनर और तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ने से पहले काली बाड़ी मार्ग और भाई वीर सिंह मार्ग के चौराहे पर स्थित गोल डाक खाना गोलचक्कर के पास एकत्र हुए। दोपहर 1 बजे के तय प्रदर्शन से पहले प्रतिभागी बंगला साहिब गुरुद्वारे के आसपास छोटे-छोटे समूहों में जमा होने लगे थे।

इस मार्च में राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की नेता एनी राजा और ऑल इंडिया किसान सभा के उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह शामिल हुए। इसके अलावा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, क्रांतिकारी युवा संगठन और ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन जैसे छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इसमें हिस्सा लिया।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि जंतर-मंतर को विरोध स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित करने सहित विभिन्न प्रतिबंधों के बावजूद यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, अगर आप एक जंतर-मंतर बंद करेंगे, तो सैकड़ों नए जंतर-मंतर खड़े हो जाएंगे। जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।

किसान नेता इंद्रजीत सिंह ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा ने पूर्व के प्रदर्शनों में महिलाओं के साथ हुई बदसलूकी के बाद इस आंदोलन का समर्थन करने का फैसला किया है। उन्होंने विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेटों के माध्यम से पुलिस को अतिरिक्त शक्तियां देने का विरोध करते हुए कहा कि इससे पुलिस के पास अत्यधिक अधिकार केंद्रित हो जाते हैं। वहीं एनी राजा ने केंद्र सरकार पर एसआईआर के जरिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों को कमजोर करने का आरोप लगाया।

बेंगलुरु से आए आईटी पेशेवर सुभाष मिश्रा ने भी अपनी पत्नी के साथ इसमें भाग लिया और लोगों से लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने की अपील की। की ओर बढ़ते प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने अशोक रोड पर बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया, जिसके बाद वे सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।