महिलाएं ओर सुरक्षाकर्मी सहित बाइस घायल
12 घंटे का बंद हिंसक झड़प में बदला
मणिपुर में हथियारों का जखीरा जब्त
अवैध खनन पर भड़के हिमंत बिस्वा सरमा
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी : अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में 23 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित 11,200 मेगावाट के ‘सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट’ (SUMP) के विरोध में बुलाया गया 12 घंटे का बंद हिंसक झड़प में बदल गया। गेकू के पास ‘डिटे-दिमे’ क्षेत्र में 65 नंबर पुल के समीप हुई इस घटना में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी पथराव तथा लाठीचार्ज हुआ, जिसमें सुरक्षाकर्मियों सहित करीब 22 लोग घायल हो गए। आंसू गैस के गोलों के कारण सांस लेने में तकलीफ के चलते 8 से 10 स्थानीय महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह बंद 5 स्थानीय संगठनों (जिन्में आदि बाने केबांग यूनाइटेड और सियांग इंडिजिनस फार्मर्स फोरम शामिल हैं) द्वारा हाल ही में हिरासत में लिए गए 10 आंदोलनकारियों की रिहाई और प्री-फीजिबिलिटी सर्वे (PRF) को रोकने की मांग को लेकर बुलाया गया था।
पुलिस अधीक्षक कामदम सिखोम के अनुसार, हथियारों और गुलेल से लैस 150-200 प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर वाहनों में तोड़फोड़ की और पथराव किया, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। प्रभावित आदि समुदाय के ग्रामीणों का कहना है कि इस विशाल मेगा डैम से उनकी पुश्तैनी जमीनें, कृषि क्षेत्र, जंगल और संस्कृति जलमग्न हो जाएंगे। वहीं, राज्य सरकार का तर्क है कि यह केवल तकनीकी व्यवहार्यता जांचने की शुरुआती प्रक्रिया है।
दूसरी ओर, मणिपुर के फ़ैलेंगकोट इलाके में 23 अक्टूबर को जारी ‘ऑपरेशन खोजबीन’ के दौरान पुलिस और राइफल्स ने भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद बरामद किया। इस सर्च ऑपरेशन में एक .22 राइफल, मैगजीन के साथ एक सीएमजी, जापान निर्मित एक पिस्तौल, मैगजीन तथा एक संदिग्ध इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस जब्त की गई। क्षेत्र में तलाश अभियान अभी जारी है।
इसके अलावा, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने होजई जिले में हो रही अवैध पत्थर की खुदाई पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये आरोप सच साबित होते हैं, तो डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर को तुरंत निलंबित कर दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि अगर अवैध खदानों की जानकारी उन तक पहुंच सकती है, तो स्थानीय डीएफओ को इसका पता क्यों नहीं चला। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी गतिविधियां अधिकारी की मिलीभगत या जानकारी के बिना संभव नहीं हैं।