कलर कोडिंग वाले नये कार्डों का भी प्रस्ताव
नईदिल्लीः सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भारतीय और विदेशी नागरिकों को जारी किए जाने वाले ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अलग-अलग प्रारूप पेश करने, लाइसेंस पर ब्लड ग्रुप और आपातकालीन संपर्क विवरण अनिवार्य करने तथा सुरक्षित-ड्राइविंग ट्यूटोरियल मूल्यांकन के उत्तीर्णांक (पास मार्क) को 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है।
ये प्रस्ताव केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के मसौदा संशोधनों का हिस्सा हैं। इसके तहत आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से पूरी की जाने वाली चुनिंदा ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस सेवाओं के शुल्क को माफ करने और नाम व पते सहित व्यक्तिगत विवरण में बदलाव के लिए लगने वाले शुल्क को हटाने का भी प्रावधान है।
मसौदा अधिसूचना में कहा गया है, लाइसेंसिंग प्राधिकारी द्वारा जारी या नवीकृत किया गया प्रत्येक ड्राइविंग लाइसेंस फॉर्म 7 में लेमिनेटेड या पॉलीविनाइल क्लोराइड कार्ड के रूप में होगा। इसमें भारतीय और विदेशी नागरिकों को जारी किए जाने वाले लाइसेंस के लिए अलग-अलग प्रारूप होंगे। प्रस्तावित संशोधनों के तहत लाइसेंस पर धारक का ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा।
मंत्रालय ने दुरुपयोग को रोकने के लिए शपथ पत्र (एफिडेविट) और जीवन बीमा पॉलिसियों को आयु और पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार करने का प्रस्ताव दिया है, जबकि कार्यकारी मजिस्ट्रेट या नोटरी के समक्ष दिए जाने वाले शपथ पत्र की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। पहचान, आयु और निवास के प्रमाण के रूप में आवेदक आधार, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, ई-राशन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र का उपयोग कर सकते हैं।
मंत्रालय ने ट्यूटोरियल मूल्यांकन के लिए अहर्ता अंक 60 से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है। नए नियमों के तहत यह ट्यूटोरियल कम से कम 30 मिनट तक चलना अनिवार्य होगा। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रियाओं को और अधिक कड़ा बनाना है। प्रस्ताव के अनुसार, लाइसेंसिंग अधिकारियों को नाम और पते सहित ड्राइविंग लाइसेंस के विवरण में बदलाव के आवेदनों को 15 दिनों के भीतर स्वीकृत या अस्वीकृत करना होगा। आवेदन रद्द करने पर अधिकारियों को उसका कारण भी बताना होगा। व्यक्तिगत विवरण में सुधार के लिए अब कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। हितधारकों से प्रकाशन के 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं।