नई दिल्ली : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नैतिकता, पारदर्शिता और जनकल्याण को सर्वोपरि रखते हुए राज्य के स्वास्थ्य लक्ष्यों में सहभागी बनने वाली सभी जिम्मेदार संस्थाओं का हरियाणा में स्वागत है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के मजबूत ढांचे के साथ-साथ निजी क्षेत्र की जांच एवं चिकित्सा सेवाओं की भूमिका भी नागरिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सेक्टर 12ए स्थित भारत विकास परिषद महाराणा प्रताप न्यास गुरुग्राम द्वारा संचालित ‘विवेकानंद आरोग्य केंद्र’ में प्रेम सागर हृदय रोग चिकित्सालय के लोकार्पण समारोह को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्वामी विवेकानन्द जी की 163वीं जयंती पर उन्हें नमन करते हुए प्रदेशवासियों को लोहड़ी, मकर संक्रांति तथा पोंगल पर्व की शुभकामनाएं भी दी।
हरियाणा सरकार का निरंतर प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाएँ सस्ती, सुलभ और प्रभावी हों
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सस्ती, सुलभ और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हों। विवेकानंद आरोग्य केंद्र जैसे संस्थान इन प्रयासों को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के फिट इंडिया के संदेश से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने हरियाणा में आधुनिक जांच एवं उपचार सुविधाओं को आमजन तक पहुँचाया है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि धन के अभाव में कोई भी गरीब नागरिक इलाज से वंचित न रहे। प्रदेश में आयुष्मान भारत–चिरायु योजना के अंतर्गत अब तक 1 करोड़ 34 लाख कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से लगभग 25 लाख मरीजों के इलाज पर 4,500 करोड़ रुपये के क्लेम दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये वार्षिक तक निःशुल्क उपचार की सुविधा दी जा रही है, जिसके अंतर्गत अब तक 26,513 बुजुर्गों के इलाज पर 53 करोड़ 57 लाख रुपये के क्लेम प्रदान किए गए हैं।
सरकारी अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से किया जा रहा सुसज्जित
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक जिले के सरकारी अस्पतालों में निजी अस्पतालों की तरह आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। इसी दिशा में पहले चरण में 10 जिला अस्पतालों में ऐसी सुविधाएं शुरू की जा चुकी हैं, जबकि 12 अन्य जिला अस्पतालों में इन सुविधाओं को विकसित करने का कार्य प्रगति पर है। सरकार का उद्देश्य है कि आम नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ उपचार अपने जिले में ही उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर संस्था को सहयोग करने वाले गणमान्य को सम्मानित करने के साथ- साथ संस्था को 31 लाख रुपये की सहयोग राशि देने को घोषणा भी की।