Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
MP Board Result Scam: 12वीं की छात्रा को मिले थे मात्र 3 अंक, रिचेकिंग में बढ़े 60 अंक; बोर्ड की कार्... Ratlam News: इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद 17 वर्षीय किशोरी से जबरन निकाह; आरोपित ईरशाद शेख के खिलाफ ... Bhopal High-Profile Case: सीसीटीवी, व्हाट्सएप चैट और चोट के निशान; CBI के सवालों में घिरीं पूर्व जज ... Chhatarpur News: न्याय न मिलने से आहत युवती ने थाने में किया आत्मदाह का प्रयास; पुलिस की कार्यशैली प... Rajgarh News: शादी के 15 दिन बाद ही दुल्हन हुई रफूचक्कर; 2 लाख रुपये ठगने वाले 'लुटेरी दुल्हन' गिरोह... Weather Update: दिल्ली-यूपी सहित उत्तर भारत में झमाझम बारिश का अलर्ट; आंधी और ओलावृष्टि से गिरेगा पा... Ghazipur Murder Case: होटल कारोबारी के बेटे की गोली मारकर हत्या; कटरा गैंग पर आरोप, कोतवाल लाइन हाजि... Punjab Government Big Decision: पंजाब में खत्म हुई ठेकेदारी प्रथा; 65,000 कर्मचारियों को मिलेगी पक्क... Dhamtari News: सराफा कारोबारी के साथ 70 लाख की धोखाधड़ी; कारीगर का बेटा जेवर लेकर हुआ फरार Katihar News: कटिहार में शव के साथ ग्रामीणों का संघर्ष; कमला नदी पार कर करना पड़ा अंतिम संस्कार

बारह लाख करोड़ रुपये डूब गये एक दिन में

भारतीय रुपये के पतन का शेयर बाजार पर भीषण असर

  • दलाल स्ट्रीट पर कोहराम मच गया

  • विदेशी निवेशकों ने अपने पैसे निकाले

  • तेल की कीमत से जुड़ा है यह मामला

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः भारतीय शेयर बाजार के लिए कल का दिन किसी आपदा से कम नहीं रहा। मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी ने दलाल स्ट्रीट पर कोहराम मचा दिया। एक ही दिन के कारोबार में निवेशकों की संपत्ति में 12 लाख करोड़ रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई। भारतीय मुद्रा के पतन के साथ ही बिकवाली में विदेशी पूंजी निकालने में तेजी आयी। जिस कारण सेंसेक्स 2,496 अंकों की भारी गिरावट के साथ 74,207 पर बंद हुआ।

निफ्टी भी 775 अंक फिसलकर 23,002 के स्तर पर आ गया, जो कि 23,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब है। बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार मूल्य 439 लाख करोड़ रुपये से घटकर 427 लाख करोड़ रुपये रह गया।

ईरान द्वारा खाड़ी देशों के प्रमुख ऊर्जा केंद्रों पर हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गई हैं। भारत अपनी जरूरत का 80 फीसद तेल आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है। वैश्विक अनिश्चितता के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालना जारी रखा है। अमेरिका और ईरान के बीच सीधे संघर्ष की आहट ने वैश्विक निवेशकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है।

हैरानी की बात यह रही कि निफ्टी 50 के पैक में केवल ओएनजीसी ही एकमात्र ऐसा शेयर था जो हरे निशान में बंद हुआ, जिसका कारण तेल की कीमतों में वृद्धि से कंपनी के मुनाफे की उम्मीद है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक मध्य पूर्व में तनाव कम नहीं होता, बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे फिलहाल आक्रामक खरीदारी से बचें और वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाएं।