आक्रमण को बिना उकसावे वाली सशस्त्र आक्रामकता बताया
मॉस्कोः रूस ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों की तीव्र निंदा करते हुए इसे एक संप्रभु और स्वतंत्र संयुक्त राष्ट्र सदस्य देश के खिलाफ पूर्व नियोजित और बिना उकसावे की सशस्त्र आक्रामकता करार दिया है। शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में रूस ने तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने और कूटनीति की ओर लौटने की मांग की है।
रूस का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल, ईरान के परमाणु कार्यक्रम की चिंताओं के पीछे छिपकर वास्तव में वहां सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहे हैं। मॉस्को ने चेतावनी दी है कि इन हमलों से क्षेत्र में मानवीय, आर्थिक और संभवतः विकिरण संबंधी तबाही का खतरा पैदा हो गया है, जो मध्य पूर्व को अनियंत्रित तनाव की खाई में धकेल सकता है। रूस ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के सुरक्षा घेरे में आने वाले परमाणु केंद्रों पर बमबारी को अस्वीकार्य बताया है।
यह स्थिति रूस के लिए काफी जटिल है। एक तरफ रूस, ईरान का प्रमुख व्यापारिक और हथियार आपूर्तिकर्ता साझेदार है (दोनों ने हाल ही में ओमान की खाड़ी में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास भी किया था)। दूसरी तरफ, राष्ट्रपति पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच हाल ही में यूक्रेन संघर्ष और आर्थिक संबंधों को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है।
सर्गेई लावरोव और अब्बास अरागची: रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने ईरानी विदेश मंत्री से फोन पर बात की। अरागची ने हमलों को विफल करने के ईरान के प्रयासों की जानकारी दी और सुरक्षा परिषद का आपातकालीन सत्र बुलाने की बात कही। लावरोव ने शांति मध्यस्थता के लिए रूस की तैयारी दोहराई। प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति पुतिन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रूस की सुरक्षा परिषद के साथ ईरान की स्थिति पर चर्चा की है। रूस ने स्पष्ट किया है कि इस संकट और इसके परिणामस्वरूप होने वाली हिंसा की पूरी जिम्मेदारी अमेरिका और इजरायल की होगी।