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सहारा रेगिस्तान में प्यास से मर गये पचास लोग, देखें वीडियो

नाइजर के अधिकारियों के हवाले से यह दुखद सूचना आयी

  • दो लोग गांव पहुंचे तो जानकारी मिली

  • सूचना पाकर राहत दल को भेजा गया

  • जिंदा बचे लोगों को पानी मुहैय्या कराया

एजेंसियां

अगादेजः सहारा रेगिस्तान में एक बड़े ट्रक के खराब हो जाने के कारण लगभग 50 लोगों की प्यास से मौत हो गई है। यह दुखद घटना माली, अल्जीरिया और नाइजर की सीमाओं के पास हुई। नाइजर के अगादेज़ क्षेत्र के प्राधिकारियों द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में इस त्रासदी की पुष्टि की गई।

देखें उसका एनिमेशन वीडियो

यह ट्रक लगभग 100 नाइजीरियाई नागरिकों को लेकर माली से उनके घर ले जा रहा था, ताकि वे ईद-उल-अजहा का त्योहार मना सकें। रास्ते में अचानक ट्रक खराब हो गया। स्थानीय सरकार के बयान के अनुसार, चालक, उसके सहायक और यात्रियों के तमाम प्रयासों के बावजूद वाहन ठीक नहीं हो सका। वे पानी से वंचित थे और रेगिस्तान के इस बेहद प्रतिकूल वातावरण में फंस गए, जहाँ अत्यधिक तापमान और पीने के पानी के स्रोतों का अभाव जीवन को बनाए रखने के लिए बेहद मुश्किल बना देता है।

समूह के दो लोग भीषण गर्मी में 30 मील से अधिक पैदल चलकर नाइजर के उत्तरी रेगिस्तानी कस्बे असामाका पहुंचे, जहाँ उन्होंने अधिकारियों को इस भयावह स्थिति की जानकारी दी। सूचना मिलते ही एक बचाव दल को लापता यात्रियों की तलाश में भेजा गया। जब बचावकर्मी घटनास्थल पर पहुँचे, तो उन्होंने 49 शव बरामद किए। आधिकारिक बयान में कहा गया है, दृश्य अत्यंत व्यथित करने वाला था। ट्रक के नीचे और आसपास दर्जनों शव बिखरे हुए मिले। बचाव कर्मियों ने पीड़ितों को वहीं एक सामूहिक कब्र में दफनाया। सरकार ने इसे बचाव दलों के लिए बेहद संवेदनशील और भावनात्मक रूप से थका देने वाला कार्य बताया।

यह त्रासदी उन दर्जनों परिवारों की कहानी है जो त्योहार पर अपने प्रियजनों के घर लौटने का इंतजार कर रहे थे। उसी दिन, अगादेज़ के अधिकारियों ने एक और बड़ी अनहोनी को टाल दिया। बचाव दल को एक और ट्रक मिला, जिसमें 60 से अधिक लोग फंसे हुए थे। वाहन की बैटरी खराब होने के कारण वे तीन दिनों से रेगिस्तान के बीचों-बीच फंसे थे। बचाव दल ने उन्हें पानी उपलब्ध कराया और वाहन ठीक करने में मदद की, जिससे उनकी जान बच सकी। यह घटना सीमा पार यात्रा करने वाले लोगों की असुरक्षा और उन कठिन परिस्थितियों को उजागर करती है, जिसमें लोग बेहतर जीवन और रोजगार की तलाश में जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं।