भारत में कॉकरोच आंदोलन का उग्र रूप
नईदिल्लीः मध्य दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों युवा प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा लगातार बना हुआ है। केंद्र में सत्तारूढ़ नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अभूतपूर्व रूप से उभरे इस जनाक्रोश और जनआंदोलन के धीमे पड़ने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। पुलिस लाठीचार्ज और पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद, प्रदर्शनकारी अपने सुर धीमे करने के बजाय अब सुरक्षात्मक उपायों (जैसे साइकिल हेलमेट) के साथ प्रदर्शन स्थल पर डटे हुए हैं और मांग पूरी होने तक पीछे न हटने का संकल्प जता रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे ठीक 24 घंटे पहले, 50,000 से अधिक लोग दिल्ली की सड़कों पर उतर आए थे। इनमें अधिकांश युवा, छात्र और अपने जीवन के 20वें दशक के शुरुआती पड़ाव वाले लोग थे, जिन्हें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नामक एक नए युवा-नेतृत्व वाले राजनीतिक व व्यंग्यात्मक आंदोलन द्वारा लामबंद किया गया है। उनकी मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और कथित तौर पर भ्रष्टाचार से ग्रस्त व जर्जर हो चुकी शिक्षा प्रणाली और परीक्षा पारदर्शी प्रक्रिया में आमूलचूल सुधार करना है।
यह आंदोलन मई 2026 में सोशल मीडिया पर एक व्यंग्य के रूप में शुरू हुआ था, जब उच्चतम न्यायालय की एक टिप्पणी से नाराज युवाओं ने इसे एक प्रतीक के रूप में अपना लिया। देखते ही देखते नीट (NEET-UG) परीक्षा पत्र लीक होने, परीक्षा रद्दीकरण और देश भर के करोड़ों छात्रों के भविष्य पर मंडराते अनिश्चितता के बादलों के चलते यह इंटरनेट मीम से बदलकर सड़कों का एक विशाल जनआंदोलन बन गया है।
जंतर-मंतर पर पुलिस द्वारा पूर्व में मंच ध्वस्त किए जाने और भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद, युवाओं ने दोबारा वहां अपना मंच खड़ा कर लिया है और आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं।