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नेपाल के विदेश मंत्री से मिले एस जयशंकर

द्विपक्षीय सहयोग और डिजिटल भुगतान पर खास चर्चा

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर के निमंत्रण पर 5 जून को भारत आए नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने शनिवार को नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने भारत-नेपाल संबंधों के पूर्ण आयामों की समीक्षा की, जिसमें विकास सहयोग, कनेक्टिविटी, व्यापार, ऊर्जा और लोगों के बीच संबंध शामिल थे। इसके अलावा, उन्होंने पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

दोनों मंत्रियों ने विविध क्षेत्रों में हासिल की गई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और नवाचार, स्टार्टअप, डिजिटल एवं वित्तीय प्रौद्योगिकी तथा क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की नई पहलों का स्वागत किया। उन्होंने भारत-नेपाल साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रयासों को तेज करने पर सहमति जताई।

दोनों मंत्रियों ने आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता संधि के लागू होने के लिए आंतरिक प्रक्रियाओं के पूरा होने का स्वागत किया। यह संधि सीमा पार अपराधों से जुड़ी जांच, अभियोजन और न्यायिक कार्यवाही की प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए एक संस्थागत ढांचा प्रदान करेगी।

वार्ता के बाद, एस. जयशंकर ने भारत की भूकंप पश्चात पुनर्निर्माण सहायता के तहत नेपाल में पूरी की गई 72 स्वास्थ्य सुविधाओं और 12 सांस्कृतिक विरासत परियोजनाओं को नेपाल को सौंपा। साथ ही, दोनों मंत्रियों ने संयुक्त रूप से भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआईI) और नेपाल के नेशनल पेमेंट्स इंटरफेस (एनपीआई) के बीच पीयर-टू-पीयर लिंकेज की शुरुआत की, जिससे दोनों देशों के बीच सीमा पार व्यक्तिगत धन प्रेषण की सुविधा मिलेगी। मंत्रियों की उपस्थिति में डिजिटल इंडिया भाषिणी और काठमांडू विश्वविद्यालय के बीच वॉयस फर्स्ट भाषा अनुवाद प्लेटफॉर्म के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए गए।

अपनी यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री खनाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मुलाकात की। मार्च 2026 में नेपाल में नई सरकार के गठन के बाद दोनों देशों के बीच विदेश मंत्री स्तर की यह पहली यात्रा थी। नेपाल भारत की नेबरहुड फर्स्ट नीति के तहत एक प्राथमिकता वाला साझेदार है, और इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच नियमित उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा को और मजबूत किया है।