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हूती के कई ठिकानों पर हमले में दर्जनों मारे गये

यमन के अधिकारियों ने फिर से सफलता पाने का दावा किया

साना: यमन में जारी संघर्ष के बीच एक बड़े घटनाक्रम में, सरकारी बलों ने देश के विभिन्न मोर्चों पर हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर भीषण सैन्य कार्रवाई की है। एक वरिष्ठ यमनी सरकारी अधिकारी ने बुधवार को जानकारी दी कि सरकारी सेना द्वारा किए गए लक्षित तोपखाने की गोलाबारी और अत्याधुनिक ड्रोन हमलों में दर्जनों हूती लड़ाके या तो मारे गए हैं या गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह सैन्य कार्रवाई यमन के कई रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एक साथ अंजाम दी गई है, जिससे विद्रोही गुट को भारी क्षति उठानी पड़ी है।

यमन के उप सूचना मंत्री फैयाद अल-नुमान ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और संवाददाताओं को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी बलों ने कई प्रमुख युद्ध मोर्चों पर आक्रामक रुख अपनाते हुए तीव्र तोपखाने और ड्रोन हमलों की बौछार कर दी। इन सुनियोजित हमलों का मुख्य केंद्र धले प्रांत का कताबह जिला रहा, जहां रणनीतिक रूप से अहम अल-फाखेर बाजार के पश्चिम में स्थित हूती ठिकानों और उनके नए सुदृढ़ीकरण को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। इस सटीक कार्रवाई में कई हूती लड़ाकों के हताहत होने की पुष्टि हुई है, जिससे विद्रोहियों की स्थानीय पकड़ कमजोर हुई है।

इसके अलावा, ताइज़ सैन्य कमान के नियंत्रण और संचालन में तैनात विशेष ड्रोनों ने भी आक्रामक कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रांत में हूती विद्रोहियों की रक्षात्मक पंक्तियों को ध्वस्त कर दिया। इन पंक्तियों में तैनात विभिन्न सैन्य उपकरणों और साजो-सामान को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। मारिब और अल-जौफ प्रांतों के सुदूर मोर्चों पर भी सरकारी तोपखाने और ड्रोनों का व्यापक तांडव देखने को मिला, जहां अग्रिम मोर्चों पर डटे हूतियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले किए गए, जिनमें दर्जनों लड़ाकों के मारे जाने की सूचना है। उप सूचना मंत्री ने आगे यह भी स्पष्ट किया कि देश के पश्चिमी तटवर्ती इलाकों में भी सरकारी बलों ने हूतियों के जमावड़ों और उनकी सैन्य आपूर्ति लाइनों पर भीषण तोपखाने से गोले दागे, जिसके परिणामस्वरूप भारी जनहानि हुई है।

दूसरी ओर, इस सैन्य संघर्ष के साए में हूती विद्रोहियों ने भी जवाबी या आक्रामक रणनीतिक हरकतें जारी रखी हैं। अल-नुमान ने बताया कि हूतियों ने ताइज़ प्रांत के ऐतिहासिक और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मोचा बंदरगाह को एक बार फिर अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाया है। सरकार ने इन हमलों को इस प्रमुख नागरिक बंदरगाह पर जारी वाणिज्यिक और आर्थिक गतिविधियों को जानबूझकर बाधित करने और देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने का एक हताशा भरा प्रयास करार दिया है। हालांकि, इन तमाम सैन्य अभियानों, हमलों और उनमें हुए भारी जानमाल के नुकसान के दावों पर हूती विद्रोहियों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या टिप्पणी सामने नहीं आई है।