डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों की हवा निकालता जा रहा ईरान
ड्रोन की तस्वीर भी जारी कर दी गयी
यह एक अमेरिकी पनडुब्बी ड्रोन था
इसके पहले भी एक ड्रोन जब्त किया
तेहरानः पश्चिम एशिया के संवेदनशील और सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण जलक्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से चरम पर पहुंच गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने एक बड़ा और सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी सेना के एक और मानवरहित पनडुब्बी ड्रोन (अंडरवाटर ड्रोन) को अपने कब्जे में ले लिया है।
ईरानी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह दूसरा ऐसा मौका है जब उन्होंने अमेरिकी नौसेना के किसी आधुनिक उपकरण को पकड़ा है। इस बार पकड़े गए इस उन्नत स्वायत्त अंडरवाटर वाहन की पहचान एमके 18 मॉड 2 किंगफिश के रूप में की गई है, जो अत्याधुनिक सोनार और सटीक नेविगेशन प्रणालियों से लैस है। इससे पहले ईरानी प्रशासन ने शुरुआती बयानों में इस जब्त किए गए सिस्टम को रेमुस 600 बताया था, लेकिन बाद में इसकी पहचान एमके 18 किंगफिश के रूप में स्पष्ट की गई।
ईरानी सेना का दावा है कि इस बहुमूल्य और उच्च तकनीक वाले ड्रोन को एक सुनियोजित सैन्य और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध अभियान के तहत निशाना बनाया गया। आईआरजीसी के अधिकारियों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की आपूर्ति के लिए दुनिया के सबसे अहम मार्गों में से एक है, और वे इस क्षेत्र में किसी भी अनधिकृत या खतरनाक अमेरिकी सैन्य गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
ईरान की तरफ से यह भी कहा गया है कि इस तरह के ड्रोन अमेरिकी नौसेना द्वारा जासूसी और समुद्री खदानों का पता लगाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। ईरान के इस कदम को रणनीतिक रूप से अमेरिका के खिलाफ एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि और मनोवैज्ञानिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य मोर्चे पर टकराव के आसार और अधिक गहरे हो गए हैं।