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पहाड़ी से फिसलकर सेना के अफसर की मौत

कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान हादसा

  • लेफ्टिनेंट वीरेश्वर गोस्वामी शहीद हुए

  • राजौरी में चल रहा था सैन्य अभियान

  • आतंकवादियों के होने की सूचना मिली थी

राष्ट्रीय खबर

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान ऑपरेशन शेरवानी के दौरान एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई है, जिसमें भारतीय सेना के एक युवा अधिकारी, लेफ्टिनेंट वीरेश्वर गोस्वामी की आकस्मिक मृत्यु हो गई है। यह घटना तब हुई जब सुरक्षा बल दुर्गम पहाड़ी इलाकों में छिपे आतंकवादियों की तलाश में सघन अभियान चला रहे थे।

प्राप्त विवरणों के अनुसार, शनिवार को ले. वीरेश्वर गोस्वामी एक सैन्य टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए राजौरी के एक अत्यंत कठिन और संकरे पहाड़ी रास्ते से गुजर रहे थे। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से वे संतुलन खो बैठे और लगभग 30 फीट गहरी खाई में जा गिरे। गहरी चोट लगने के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने इस घटना पर आधिकारिक शोक व्यक्त करते हुए ले. गोस्वामी की वीरता और कर्तव्यपरायणता को नमन किया है।

यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई है जब भारतीय सेना पिछले दो सप्ताह से राजौरी और आसपास के जिलों में ऑपरेशन शेरवानी के अंतर्गत आतंकवादियों के खिलाफ व्यापक तलाशी अभियान चला रही है। इस ऑपरेशन की शुरुआत पिछले महीने के प्रारंभ में मिली खुफिया सूचनाओं के आधार पर हुई थी, जिसमें बताया गया था कि कुछ आतंकवादी घने जंगलों में शरण लिए हुए हैं।

हालांकि, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और घने जंगलों के कारण यह अभियान अत्यंत चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सैन्य सूत्रों का मानना है कि आतंकवादी अपनी रणनीतिक स्थिति को लगातार बदल रहे हैं, जिससे उन्हें पकड़ना कठिन हो रहा है। सेना ने पूरे क्षेत्र में घेराबंदी कर रखी है और तलाशी अभियान को और अधिक तेज कर दिया गया है।

लेफ्टिनेंट वीरेश्वर गोस्वामी की शहादत ने पूरे सैन्य बल और देश को स्तब्ध कर दिया है। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि हमारे सुरक्षा बल कितनी कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा देते हैं। फिलहाल, क्षेत्र में खोज अभियान अभी भी जारी है, और सेना का मुख्य ध्यान आतंकवादियों के उस समूह का पता लगाने पर है, जिसके लिए यह ऑपरेशन शुरू किया गया था।