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जीवन के क्रमिक विकास की तीस करोड़ साल पुरानी गुत्थी सुलझी

पौधों के सीक्रेट डीएनए की खोज हो गयी

  • विकासवाद की स्थिर मूल कड़ी है यह

  • 23 लाख अनुक्रमों की पहचान हो पायी

  • विश्व की खाद्य सुरक्षा में मददगार होगा

राष्ट्रीय खबर

रांचीः हाल ही में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के पादप विज्ञान विभाग के शोधकर्ताओं ने वनस्पति जगत की एक ऐसी छिपी हुई विरासत को उजागर किया है, जिसने जीव विज्ञान के बुनियादी सिद्धांतों को नई दिशा दी है। वैज्ञानिकों ने पौधों की 284 अलग-अलग प्रजातियों के जीनोम का गहन विश्लेषण करने के बाद 23 लाख ऐसे विशिष्ट डीएनए अनुक्रमों की पहचान की है, जो पिछले 30 करोड़ वर्षों से लगभग अपरिवर्तित रहे हैं।

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सामान्यतः विकास की प्रक्रिया में डीएनए समय के साथ बदलता रहता है ताकि जीव बदलते पर्यावरण के अनुकूल खुद को ढाल सकें। लेकिन इस शोध में पाया गया कि ये कंजर्व्ड (संरक्षित) डीएनए खंड इतने महत्वपूर्ण हैं कि प्रकृति ने इनमें किसी भी बड़े बदलाव की अनुमति नहीं दी। ये अनुक्रम उस समय से मौजूद हैं जब धरती पर डायनासोरों का उदय भी नहीं हुआ था और पहले बीज वाले पौधों का विकास हो रहा था।

ये सीक्रेट डीएनए असल में पौधों के विकास के मास्टर कंट्रोलर की तरह काम करते हैं। ये तय करते हैं कि पौधा प्रतिकूल परिस्थितियों में कैसे जीवित रहेगा, प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया कितनी प्रभावी होगी और जड़ों का विस्तार कैसे होगा। शोध के मुख्य निष्कर्षों के अनुसार इन प्राचीन अनुक्रमों को समझकर वैज्ञानिक ऐसी फसलें विकसित कर सकते हैं जो अत्यधिक गर्मी, सूखे या बाढ़ को झेलने में सक्षम होंगी।

यह डीएनए डेटा हमें यह समझने में मदद करता है कि जंगली पौधों ने लाखों वर्षों तक बीमारियों से खुद को कैसे बचाए रखा, जिसका उपयोग आधुनिक खेती में कीटनाशकों की निर्भरता कम करने के लिए किया जा सकता है। बढ़ती वैश्विक जनसंख्या और घटती उपजाऊ भूमि के बीच, पौधों की आंतरिक कार्यप्रणाली का यह ज्ञान उच्च उपज देने वाली किस्मों के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह केवल एक शुरुआत है। इन 23 लाख अनुक्रमों की मैपिंग से अब जेनेटिक इंजीनियरिंग और क्रिस्पर जैसी तकनीकों को एक सटीक रोडमैप मिल गया है। यह खोज हमें यह भी बताती है कि प्रकृति ने जीवन की उत्तरजीविता के लिए सबसे बेहतरीन ब्लूप्रिंट लाखों साल पहले ही तैयार कर लिया था, जिसे हम अब जाकर डिकोड कर पाए हैं।

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