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रात को पेड़ पर सो रहे हैं मजबूरी में

बाघ और भेड़ियों के आतंक से परेशान हैं यूपी के इलाके

  • बाघ ने एक युवक की जान ली है

  • भेड़िए ने दो बच्चों को मार डाला

  • वन विभाग की टीम  इलाके में तैनात

राष्ट्रीय खबर

लखनऊः उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र में वन्यजीवों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। सीतापुर जिले के महोली कोतवाली क्षेत्र के नरनी गांव और उसके आसपास बाघ का खौफ छाया हुआ है। पिछले 28 दिनों में, इस बाघ ने न केवल एक युवक की जान ली है, बल्कि पांच पालतू पड़वों को भी अपना शिकार बना चुका है।

वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था, लेकिन चालाक बाघ ने फिर से विभाग को चकमा दे दिया। हाल ही में, पिंजरे के पास बंधे एक पड़वे को बाघ ने मार डाला, जबकि वह पिंजरे से दूर रहा। यह पूरी घटना पास में लगे ट्रैप कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। लगातार हो रहे हमलों और बाघ की सक्रियता से स्थानीय ग्रामीण दहशत में हैं और शाम ढलते ही घर से बाहर निकलने से डरने लगे हैं। जिला वन अधिकारी नवीन खंडेलवाल ने बताया कि बाघ की गतिविधि कैंप कार्यालय के आसपास ट्रैक की गई है और उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं।

दूसरी तरफ बहराइच जिले में भी स्थिति कम भयावह नहीं है। पिछले 10 दिनों में, भेड़ियों के हमले में दो बच्चों की मौत हो चुकी है और 10 से अधिक लोग घायल हुए हैं। वन विभाग की 11 टीमें और पश्चिम बंगाल व भोपाल से बुलाई गई विशेष टीमें भी इन आदमखोर भेड़ियों को पकड़ने में नाकाम रही हैं।

फखरपुर ब्लॉक के मंझारा तौकली इलाके में भेड़ियों का आतंक इस कदर फैल चुका है कि ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए पेड़ों पर मचान बनाकर या ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रात बिताने को मजबूर हैं। बारिश और अंधेरी रातों में भी वे इसी तरह अपनी सुरक्षा कर रहे हैं। ग्रामीणों को डर है कि कहीं गन्ने के घने खेतों से निकलकर भेड़िया उनके परिवार को अपना शिकार न बना ले।

ग्रामीणों का कहना है कि जहां हर साल बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा उन्हें परेशान करती थी, वहीं इस साल जंगली जानवरों से परिवार को बचाना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग इन हमलों को रोकने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें कोई खास सफलता नहीं मिली है।