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सूचना मिलने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प और नेतन्याहू की बातचीत

हिजबुल्लाह ने पूर्ण संघर्ष विराम की इच्छा जताई

एजेंसियां

वाशिंगटनः मध्य-पूर्व में जारी भीषण तनाव के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। लेबनानी संसद के अध्यक्ष नबीह बेरी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन को यह संकेत दिया है कि हिजबुल्लाह अब एक व्यापक संघर्ष विराम के लिए पूरी तरह तैयार है और इसे लागू करने की गारंटी देने के लिए भी तत्पर है। यह संदेश बेरी के शीर्ष सलाहकार अली हमदान के माध्यम से बेरूत स्थित अमेरिकी राजदूत माइकल इस्सा तक पहुँचाया गया।

इस घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई टेलीफोनिक वार्ता को देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस उच्च-स्तरीय बातचीत में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संभावित युद्धविराम की शर्तों पर गहन चर्चा हुई।

कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने इससे पूर्व एक आंशिक संघर्ष विराम का प्रस्ताव रखा था। इस योजना के तहत, हिजबुल्लाह को उत्तरी इजरायल पर अपने हमले बंद करने थे, और इसके बदले में इजरायल को बेरूत पर हवाई हमले रोकने थे। हालांकि, नबीह बेरी ने इस आंशिक समाधान को सिरे से खारिज कर दिया। बेरी का स्पष्ट तर्क था कि टुकड़ों में समाधान खोजने के बजाय एक व्यापक और पूर्ण संघर्ष विराम की दिशा में कदम उठाया जाना चाहिए।

इस प्रस्ताव ने इजरायली सैन्य और राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। इजरायली अधिकारियों के बीच यह चिंता स्पष्ट रूप से देखी गई कि ट्रम्प-नेतन्याहू की इस वार्ता का कहीं यह परिणाम न निकले कि दहिह में इजरायल द्वारा नियोजित सैन्य हमले को रद्द करना पड़े। हिजबुल्लाह की ओर से आई इस नई प्रतिक्रिया ने न केवल कूटनीतिक दबाव बढ़ा दिया है, बल्कि युद्ध को थामने की दिशा में एक नई संभावना भी खोल दी है। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय और शीर्ष नेतृत्व युद्ध को पूर्णविराम देने हेतु सीधी बातचीत के माध्यमों को गंभीरता से तलाश रहे हैं, ताकि इस लंबे खिंचते संघर्ष का स्थायी समाधान निकाला जा सके।