यहां तो सरकार ही संसद का अनादर कर रही हैः रमेश
अपने विभाग की जिम्मेदार नहीं उठा रहे
पैलेट गन के प्रयोग का आदेश किसने दिया
दोनो सदनों से भागे भागे फिर रहे हैं मंत्री
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः कांग्रेस ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान उनके मंत्रालय द्वारा की गई कार्रवाई के प्रति जवाबदेही से बचने के लिए लोकसभा और राज्यसभा से जानबूझकर अनुपस्थित रहने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि सरकार इस तरह से संसद का अपमान करेगी, तो सदन का कामकाज कैसे सुचारू रूप से चल सकेगा। पार्टी का दावा है कि गृह मंत्री यह बताने से इनकार कर रहे हैं कि छात्रों के खिलाफ पेलेट गन के इस्तेमाल का आदेश आखिर किसने दिया था।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भारत के युवाओं पर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र अर्धसैनिक बलों द्वारा की गई बर्बरता के 14 दिन बीत चुके हैं, जो सीधे तौर पर गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करते हैं। सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में रमेश ने लिखा, 20 जुलाई से, गृह मंत्री ने जानबूझकर लोकसभा और राज्यसभा दोनों से दूरी बना रखी है। उन्होंने अपने मंत्रालय के कार्यों के लिए जवाबदेही लेने से इनकार कर दिया है।
विपक्ष 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई, जिसमें छर्रे वाली बंदूकों का उपयोग शामिल था, पर गृह मंत्री से स्पष्टीकरण और उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है। इंडिया गठबंधन ने नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित बर्बर बल के प्रयोग और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने का संकल्प लिया है। विपक्ष का तर्क है कि लोकतंत्र में गृह मंत्री का संसद के प्रति जवाबदेह होना अनिवार्य है, लेकिन उनका इस तरह से अनुपस्थित रहना संसदीय परंपराओं के प्रतिकूल है।
सरकार पर निशाना साधते हुए विपक्ष ने यह भी कहा कि वे इस मुद्दे पर तब तक अपना दबाव बनाए रखेंगे जब तक गृह मंत्री सदन में आकर इस घटनाक्रम पर विस्तृत जवाब नहीं देते। यह गतिरोध संसद के वर्तमान सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते तनाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।