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प्रतिबंधित रूसी तेल टैंकर को फ्रांस ने पकड़ा

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने खुद दी जानकारी

एजेंसियां

पेरिसः फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने समुद्री सुरक्षा और प्रतिबंधों के अनुपालन को लेकर एक कड़ा संदेश दिया है। फ्रांस की नौसेना ने एक ऐसे कच्चे तेल के टैंकर, टैगोर को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में रोककर जब्त कर लिया है, जो रूसी बंदरगाहों से अवैध गतिविधियों में लिप्त था। मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से जानकारी दी कि यह जटिल सैन्य और कूटनीतिक कार्रवाई यूनाइटेड किंगडम सहित कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के समर्थन से अंजाम दी गई, जो पूरी तरह से समुद्री कानूनों के दायरे में है।

मेडागास्कर में पंजीकृत टैगोर जहाज के मार्ग पर लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय निगरानी एजेंसियों की नज़र थी। यह टैंकर रूस के उम्बा बंदरगाह से रवाना हुआ था और पिछले सप्ताह उत्तरी अटलांटिक में इसकी संदिग्ध हलचल जहाज ट्रैकिंग साइटों पर देखी गई थी। गौरतलब है कि यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका पहले ही इस जहाज को प्रतिबंधित सूची में डाल चुके हैं।

राष्ट्रपति मैक्रों ने इस कार्रवाई को एक नैतिक और सुरक्षात्मक आवश्यकता बताते हुए कहा कि प्रतिबंधों को धता बताकर रूस के युद्ध प्रयासों को वित्तपोषित करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेताया कि ये जहाज समुद्री सुरक्षा के मानदंडों को तोड़ते हुए न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था के खिलाफ काम कर रहे हैं, बल्कि इनके रखरखाव में लापरवाही पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा है।

यह कार्रवाई रूस के उस गुप्त बेड़े के विरुद्ध एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसका उपयोग मॉस्को प्रतिबंधों से बचने के लिए कर रहा है। इससे पूर्व भी फ्रांस और बेल्जियम द्वारा इसी प्रकार के टैंकरों को संदिग्ध गतिविधियों के कारण पकड़ा जा चुका है। दूसरी ओर, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस जब्ती को सीधे तौर पर अवैध और अंतरराष्ट्रीय समुद्री डकैती करार देते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। पेरिस स्थित रूसी दूतावास ने जहाज पर सवार चालक दल, विशेष रूप से रूसी कप्तान और अन्य नागरिकों की सुरक्षा व स्थिति को लेकर फ्रांसीसी अधिकारियों से विस्तृत जानकारी मांगी है। यह विवाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस-यूक्रेन युद्ध के आर्थिक पहलुओं और समुद्री व्यापारिक कानूनों के टकराव को और अधिक गहरा कर रहा है।