Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
छोटे उपग्रहों को अंतरिक्ष भेजने के लिए नया अंतरिक्ष यान, देखें वीडियो Make in India Security Breach: स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के साथ खिलवाड़; सप्लायर कंपनी पर HAL की सख्... Surat Police Bravery: सूरत पुलिस ने दिखाई दरियादिली; जहर खाने वाले युवक को 7वीं मंजिल से सुरक्षित बच... Mamata Banerjee FIR: ममता बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें; भड़काऊ बयान के मामले में कोलकाता में दर्ज हुई FIR Bikram Majithia vs Sanjay Singh: सुप्रीम कोर्ट से मजीठिया को झटका; मानहानि मामले में अतिरिक्त गवाह ब... Jammu-Kashmir Border Alert: घुसपैठ की साजिश! कठुआ सेक्टर में जैश आतंकियों की सक्रियता, हाई अलर्ट पर ... Supreme Court on Officer Dispute: रोहिणी सिंदूरी और डी रूपा मौदगिल विवाद; SC ने जस्टिस कुरियन जोसेफ ... पेंटागन में अचानक बज उठा था एन्थेक्स का अलार्म टेंडर सिंडिकेट पर शिकंजा: प्रशासनिक तंत्र की परीक्षा बन गया PM Modi 12 Years: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों का कार्यकाल 'जनकल्याण और सुशासन' का प्रतीक ...

मैक्सिको सिटी में शिक्षकों पर पुलिस के आंसू गैस

विश्व कप फुटबॉल प्रतियोगिया प्रारंभ होने में दस दिन शेष

एजेंसियां

मैक्सिको सिटीः मैक्सिको में फुटबॉल के महाकुंभ विश्व कप 2026 के आगाज में अब महज दस दिन का समय शेष बचा है। पूरी दुनिया की नजरें इस आयोजन पर टिकी हैं, लेकिन इसी बीच मैक्सिको सिटी की सड़कें एक गंभीर सामाजिक और राजनीतिक संघर्ष का केंद्र बन गई हैं। शहर के ऐतिहासिक ज़ोकालो प्लाज़ा के पास प्रदर्शनकारी शिक्षकों और दंगा-रोधी पुलिस के बीच हुई तीखी झड़प ने आयोजन की सुरक्षा और शांतिपूर्ण संचालन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, तनाव तब चरम पर पहुंच गया जब मैक्सिको सिटी पुलिस ने प्रदर्शनकारी शिक्षकों को ज़ोकालो प्लाज़ा के करीब आने से रोकने के लिए बल प्रयोग किया। पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाए रखने के उद्देश्य से शिक्षकों पर आंसू गैस के गोले दागे। यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील है, क्योंकि यहीं विश्व कप के लिए फैन फेस्ट का निर्माण कार्य जोरों पर है। ठीक यहीं पर वह विशाल स्क्रीन लगाई गई है, जिसके सामने 11 जून को मैक्सिको का पहला विश्व कप मैच देखने के लिए हजारों प्रशंसकों के जुटने की उम्मीद है।

संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब आक्रोशित शिक्षकों ने उन अस्थायी धातु की बैरिकेड्स को जबरन तोड़ दिया, जिन्हें सरकार ने ज़ोकालो के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के तौर पर लगाया था। यह स्थान सरकारी महल से केवल एक ब्लॉक की दूरी पर स्थित है। पुलिस की सैकड़ों टुकड़ियाँ इन बैरिकेड्स के पीछे तैनात थीं, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कड़ी घेराबंदी कर रखी थी।

शिक्षक संघ के नेता फिलिबर्टो फ्रौस्तो ने इस विरोध के इरादे स्पष्ट करते हुए कहा, हमारा मुद्दा देश के भविष्य से जुड़ा है, जो खेल और मनोरंजन से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। यदि सरकार हमारी मांगें नहीं मानती है, तो इस आयोजन को स्थगित करने की नौबत भी आ सकती है। शिक्षक संघ के असंतुष्ट गुट सीएनटीई द्वारा आहूत इस मार्च ने सरकार को सीधे चेतावनी दी है कि यदि उनके वेतन में वृद्धि और पेंशन कानूनों को वापस नहीं लिया गया, तो विश्व कप के पूरे टूर्नामेंट के दौरान वे राजधानी में लाखों शिक्षकों को सड़कों पर उतारेंगे।

इस प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है। एक प्रदर्शनकारी ने मीडिया को बताया कि उसे किसी अज्ञात वस्तु से गंभीर चोट लगी, जिसके बाद सिर से बुरी तरह खून बहने के कारण उसे तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए ले जाना पड़ा। विश्व कप जैसे वैश्विक आयोजन की तैयारियों के बीच सुरक्षा बलों और नागरिकों के बीच का यह सीधा टकराव प्रशासन के लिए व्यवस्था बनाए रखने की एक बड़ी चुनौती बन गया है। सरकार अब इस असमंजस में है कि खेल के उत्सव को कैसे बचाए और शिक्षकों के असंतोष को कैसे शांत करे।