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MP Rajya Sabha Row: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने पर कांग्रेस का प्रदर्शन; चुनाव आयोग के गेट पर सोए बड़े नेता

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर तनाव चरम पर है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के विरोध में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने निर्वाचन आयोग के मुख्य द्वार पर धरना शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता देर रात तक चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर डटे रहे।

⚖️ कांग्रेस का आरोप: ‘लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सुनियोजित उल्लंघन’

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने सत्ता और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करके जीत तय मानी जा रही सीट को प्रभावित किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह केवल एक सीट का मामला नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का प्रश्न है। कांग्रेस ने घोषणा की है कि वे इस मुद्दे को सड़क से लेकर न्यायालय तक ले जाएंगे।

📝 क्यों रद्द हुआ नामांकन?

नामांकन निरस्त होने का मुख्य कारण ‘जानकारी छिपाना’ बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन ने हैदराबाद में दर्ज एक मामले का उल्लेख अपने दस्तावेजों में नहीं किया था। वहीं, कांग्रेस का तर्क है कि उन्हें केवल एक नोटिस मिला था, जिस पर अभी कोई सुनवाई नहीं हुई है, इसलिए उसे आपराधिक मामला मानकर नामांकन रद्द करना पूरी तरह गलत है।

⛺ चुनाव आयोग के गेट पर ‘अनिश्चितकालीन’ धरना

विरोध प्रदर्शन इतना तीव्र था कि कांग्रेस के दिग्गज नेता चुनाव आयोग के मुख्य द्वार पर ही जमीन पर सो गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि जब तक आयोग उनकी मांगें नहीं सुनता, तब तक यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने “लोकतंत्र बचाओ” और “भाजपा जवाब दो” जैसे नारों के साथ भाजपा सरकार को घेरा।