प्रधानमंत्री मोदी की पहल का परिणाम आने लगा
भूपेंद्र यादव ने दी इसकी जानकारी
चार साल से चल रहा है कार्यक्रम
राष्ट्रीय खबर
भोपालः केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को बताया कि मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में भारत में जन्मी एक मादा चीता ने चार शावकों को जन्म दिया है। यह खुशी का मौका भारत में चीता पुनर्प्रवेश कार्यक्रम के चार साल पूरे होने के ठीक एक दिन बाद आया है।
मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, प्रोजेक्ट चीता के लिए एक ऐतिहासिक और अत्यंत हर्ष का क्षण! भारत के चीता प्रोजेक्ट के चार साल पूरे होने के ठीक एक दिन बाद, भारत में जन्मी मादा चीता केजीपी12 ने कूनो में चार शावकों को जन्म दिया है। मंत्री ने रेखांकित किया कि इन शावकों का जन्म भारत में चीता संरक्षण की बढ़ती सफलता को दर्शाता है, जहां दुनिया के इस सबसे तेज दौड़ने वाले थलीय जीव को आधिकारिक तौर पर 1952 में विलुप्त घोषित कर दिया गया था।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री ने कहा, चार साल, चार नए जीवन; यह भारत में चीता संरक्षण की उम्मीद, लचीलेपन और बढ़ती सफलता का एक सुंदर प्रतीक है। उन्होंने कूनो और प्रोजेक्ट चीता परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक बधाई दी।
गौरतलब है कि 17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्योपुर जिले के इस पार्क में विशेष बाड़ों में नामीबिया से लाए गए आठ जंगली चीतों को छोड़ा था, जिसके साथ ही देश में इस वन्यजीव के पुनर्प्रवेश कार्यक्रम की ऐतिहासिक शुरुआत हुई थी। भारत में चीतों की कुल आबादी बढ़कर 52 हो गई है, जिसमें देश में जन्मे 32 शावक भी शामिल हैं। परियोजना अधिकारियों द्वारा जारी चार-वर्षीय स्थिति समीक्षा के अनुसार, इस कुल संख्या में मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में रहने वाले 49 चीते और गांधी सागर अभयारण्य में रहने वाले तीन चीते शामिल हैं। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से लाए गए चीतों के साथ-साथ दूसरी पीढ़ी की संतानों सहित 32 स्वदेशी शावकों का जन्म और उत्तरजीविता (बचे रहना) इस कार्यक्रम के एक मजबूत समेकन चरण में सफल बदलाव को प्रदर्शित करती है। कुल आबादी का एक बड़ा हिस्सा अब जंगलों में स्वतंत्र रूप से घूम रहा है, जो स्थिर पारिस्थितिक अनुकूलन और सक्रिय प्रजनन को दर्शाता है।