उफनते जंगली नाला में कार पार करने का खतरा उठाया
महाकाल के दर्शन के लिए जा रहा था
बरसाती नाले की पुलिया पर तेज बहाव
पूरी गाड़ी ही तेज प्रवाह में बह गयी
राष्ट्रीय खबर
भुवनेश्वरः मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा में आज सुबह एक भीषण हादसा हो गया। मां बगलामुखी मंदिर के पास एक बरसाती नाले में कार बह जाने से ओडिशा के 7 पर्यटकों समेत 8 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 3 बच्चे, 2 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं।
मृतक सभी ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के जयदेव विहार इलाके के रहने वाले थे। ये सभी बनमाली बेहरा के परिवार के सदस्य थे। बनमाली बेहरा के बेटे शिबा प्रसाद बेहरा, दो बेटियां रीता रानी और राधारानी, दामाद ज्ञानेंद्र और उनके तीन बच्चे इस हादसे का शिकार हुए। ड्राइवर की पहचान कृष्णा राजवीर के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार यह परिवार उज्जैन महाकाल के दर्शन के लिए गया था। वहां से उन्होंने एक किराए की कार ली और नलखेड़ा में स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। मंदिर तक पहुंचने के लिए एक बरसाती नाले की पुलिया को पार करना पड़ता है।
पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी के अनुसार, पिछले 24 घंटे में इलाके में 3.7 इंच बारिश हुई थी। गुरुवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण मंदिर के सामने का नाला खतरनाक रूप से उफान पर था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्राइवर ने जल्दबाजी में नाले को पार करने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि मारुति एस-प्रेसो कार बह गई और गहरे पानी में पलट गई। कार के दरवाजे लॉक होने के कारण कोई भी बाहर नहीं निकल सका। सभी लोग कार के अंदर ही फंस गए।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचा। काफी मशक्कत के बाद कार को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक सभी 8 लोगों की मौत हो चुकी थी।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि मंदिर के पास बरसों से पुलिया की हालत खराब है और कोई पक्का पुल नहीं है। हर बारिश में यह नाला खतरनाक बन जाता है, लेकिन प्रशासन ने कोई स्थायी समाधान नहीं किया। लोगों ने इलाके के विकास और नाले पर पुल बनाने की मांग की।
इस खबर के भुवनेश्वर पहुंचते ही जयदेव विहार में मातम पसर गया। बनमाली बेहरा के घर पर सैकड़ों रिश्तेदार और पड़ोसी जमा हो गए। बनमाली बेहरा ने कहा, मैं टूट गया हूं। मैंने अपने परिवार के लगभग सभी सदस्यों को खो दिया है। अब मेरे पास मेरी बुजुर्ग पत्नी और एक छोटी पोती ही बची है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने मध्यप्रदेश सरकार से समन्वय कर सभी शवों को विशेष व्यवस्था के साथ भुवनेश्वर लाने और पीड़ित परिवार को सहायता देने के निर्देश दिए हैं।