आडवाणी और सिसोदिया को भी इसकी नोटिस
तार्किक विसंगति की दलील दी गयी है
पूर्वी डिप्टी पीएम पर भी यही रवैया
तैतीस लाख लोगों को नोटिस जारी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः विशेष गहन संशोधन के तहत विवरणों में कथित विसंगतियों के कारण चुनाव आयोग द्वारा नोटिस पाने वाले 33 लाख मतदाताओं में पूर्व उपप्रधान मंत्री लालकृष्ण आडवाणी और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जैसे कई प्रमुख नाम शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, 98 वर्षीय आडवाणी, उनकी बेटी प्रतिभा और बहू गीतिका को तब नोटिस जारी किए गए जब उनके नाम 2002 की एसआईआर मतदाता सूची से मैप नहीं हो सके।
हालांकि, उनके बेटे जयंत इस मैपिंग प्रक्रिया को पार कर चुके हैं। ये सभी नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं। इसके अलावा, मनीष सिसोदिया, उनकी पत्नी सीमा और उनके बेटे मीर को भी नोटिस मिला है। अधिकारियों के मुताबिक, मीर के नोटिस में माता-पिता के नाम में विसंगति बताई गई है, जबकि सीमा के नोटिस में उनके अपने नाम में मिसमैच का कारण दर्ज है।
एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने बताया कि ये नोटिस मतदाताओं द्वारा अपने गणना प्रपत्रों में दी गई जानकारियों में तार्किक विसंगतियों के कारण उत्पन्न हुए हैं। आडवाणी और सिसोदिया के अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल जैसे कई शीर्ष सरकारी अधिकारियों, नौकरशाहों और राजनेताओं को भी इसी तरह के कारणों से नोटिस भेजे गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों के सत्यापन और आवश्यक प्रक्रिया के बाद इन सभी के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल कर लिए जाएंगे।
घर-घर जाकर सत्यापन का यह कार्य 30 जून से 17 अगस्त के बीच किया गया था। मसौदा सूचियों में शामिल करीब 97 लाख मतदाताओं में से 33.13 लाख को नोटिस के लिए चिह्नित किया गया है। एसआईआर के दावे और आपत्तियां चरण 30 सितंबर को समाप्त होंगे, और मतदाता 29 अक्टूबर तक अपने जवाब व दस्तावेज संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों के पास जमा कर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।